प्रदेश को टैक्स दिए बिना करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही ऑनलाइन कंपनियों से सरकार टैक्स वसूलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए आबकारी एवं कराधान कानून में बाकायदा संशोधन किया जाएगा। वीरवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कानून में बदलाव की मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है।
नए नियम लागू होने के बाद बिना सरकार को टैक्स चुकाए आनलाइन शॉपिंग कंपनियां अपना माल नहीं बेच सकेंगी। प्रदेश में ऑनलाइन शापिंग का कारोबार करने वाली कंपनियां अब टैक्स चोरी नहीं कर सकेंगी। प्रदेश सरकार अब इस टैक्स चोरी को रोकने के लिए आबकारी एवं कराधान कानून में ही बदलाव करने जा रही है।
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी ने बताया कि अभी तक ये कंपनियां प्रदेश में कारोबार तो कर रही थी, लेकिन सरकार को नियमानुसार टैक्स नहीं चुका रही थी। अभी तक कंपनियां अपने मुख्यालय वाले राज्य को ही वैट चुकाकर अपना कारोबार करती थी, जबकि उपभोक्ता जिस राज्य का हो उस प्रदेश के नियमों के अनुसार कर चुकाकर ही कारोबार किया जा सकता है।
कंपनियों के इसी खेल की वजह से हर साल प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था। कंपनियों के इसी टैक्स चोरी के खेल को रोकने के लिए अब कानून में बदलाव किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश में
ऑनलाइन शापिंग की डिलीवरी के लिए आने वाले हर पार्सल पर टैक्स वसूलने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए नियम बनाने पर काम चल रहा है और आने वाले विधानसभा सत्र में एक्ट में संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा।