इनमें से दो हेलीकॉप्टर ट्विन इंजन वाले और एक सिंगल इंजन वाला होगा। इसके लिए निविदाएं डीजीसीए से नॉन शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट वाली कंपनियों से मांगा है।
इनकी 15 हजार फुट ऊंचाई वाली पहाड़ियों तक सेवाएं देने की क्षमता होगी। शर्तें ये लगाई गई हैं कि जिन हेलीकॉप्टरों को सेवाओं में लगाया जाएगा, उनकी निर्माण तिथि एक साल से ज्यादा पुरानी न हो।
लेटर ऑफ इंटरेस्ट देने के छह महीने के भीतर हेलीकॉप्टर शिमला पहुंच जाने चाहिएं। पायलटों को पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर चलाने के अनुभव की भी अंडरटेकिंग देनी होगी।