प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ संरक्षण को चेकडैम बनाकर पानी बचाया जाएगा। वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा देकर जल संकट को दूर किया जाएगा।
कहा कि पुराने खराब हैंडपंपों के ऊपरी हिस्सों को निकाला जाएगा, ताकि भू जलस्तर बढ़ाने में मदद मिले।
सरकार ने नए हैंडपंप नहीं लगाने का फैसला लिया है। पिछले साल में काफी कम हैंडपंप लगाए हैं। सरकार डेढ़ इंच तक के पाइप लाइन को जमीन में नहीं दबाएगी, क्योंकि इससे लीकेज का पता नहीं चलता।
शिमला के क्रैगनैनो में सरकार ने एंगलों के साथ नई पाइप लाइन तैयार की है। इससे पानी की लीकेज रुकी है। आईपीएच मंत्री ने कहा कि शिमला में सीवरेज के जल को साफ कर खेतों और फुलवाड़ियों में उपयोग करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा।
सोलन और शिमला के इंजीनियर साझा तौर पर प्रोजेक्ट में काम करेेंगे। यह भी देखा जाएगा कि इस पानी से फसलों पर विपरीत असर तो नहीं पड़ रहा। यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। जल स्रोतों में के पास अवैध डंपिंग पर शिकंजा कसा जाएगा।