हिमाचल में पेड़ काटने पर लगाए पूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। सरकार की दलील है कि प्रदेश में पेड़ काटने पर पूर्ण रोक लगने से बड़े प्रोजेक्टों के अलावा स्कूल, अस्पताल जैसे छोटे संस्थान बनाने में भी परेशानी आएगी।
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया जाएगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह जानकारी शुक्रवार को शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरा प्रयास करेगी कि विकास कार्यों पर ब्रेक न लगे। एनजीटी के एक आदेश के खिलाफ पहले भी प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। अब एक हेक्टेयर तक की मंजूरी डीएफओ द्वारा दिए जाने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट की रोक पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर की जाएगी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल में पेड़ काटने पर पूर्ण रोक लगा दी है। इसी रोक की वजह से नए प्रोजेक्टों के अलावा चालू प्रोजेक्टों पर भी असर पड़ने लगा है। ऐसा इसलिए है कि क्योंकि कई जगह केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पेड़ काटने की मंजूरी मिलने के बावजूद अब प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पा रहे हैं।