नौ क्लस्टर बनाकर केंद्र की मंजूरी को भेजे हैं।फलों, पर्यटन, दवा उद्योग, आटोमोबाइल, कपड़ा, आदि उद्योगों के लिए अलग से क्लस्टर तैयार किए हैं। केंद्र से मंजूरी मिलते ही यहां विभिन्न उद्योग लगाए जाएंगे।इनवेस्टर मीट में पर्यटन उद्योग के लिए सरकार ने निजी भूमि का चयन कर लिया है। अगर कोई पूंजीपति ज्यादा जमीन की मांग करता है तो निजी भूमि का अधिग्रहण करके पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देंगे।
इनवेस्टर मीट का सफल बनाने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। सरकार ने क्लस्टर बनाकर केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा है। मीट से पहले रोड शो होंगे। नए उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक नीति को लचीला बनाया जा रहा है। अभी तक आटा चक्की और सोडा प्लांट नकारात्मक उद्योगों में शामिल रहे हैं। कई अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर नीति को लचीला बनाया जा रहा है। सरकार हर 15 दिन में इनवेस्टर मीट को लेकर समीक्षा करेगी।- बिक्रम सिंह, उद्योग मंत्री