राज्य में जलरक्षकों को रेगुलर करने में आरएंडपी रूल आड़े आ रहे रहे हैं। 6720 जल रक्षकों को रेगुलर करना सरकार के लिए गले की फांस बन गया है। नियमों के अनुसार आठवीं पास जल रक्षक नियुक्त किए जाने थे, लेकिन सातवीं से चौथी पास तैनात कर दिए गए। इनमें कई ओवरएज भी हो चुके हैं। इसके लिए भी आरएंडपी रूल्स में संशोधन की जरूरत है।
मंत्रिमंडल की 3 जुलाई की बैठक में जल रक्षकों को सरकार राहत देने की तैयारी में है। जिन अधिकारियों ने नियमों कायदों को ताक में रखकर ये नियुक्तियां की हैं, उनके खिलाफ भी सरकार कार्रवाई करेगी।
वर्ष 2006 में जल रक्षकों की तैनाती करने का फैसला लिया था। एसडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी में क्षेत्र के जेई और स्थानीय पंचायत प्रधान भी शामिल थे। कमेटी के माध्यम से जल रक्षकों की तैनाती की जानी थी।
भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार आठवीं पास योग्यता रखने वालों को नियुक्त किया जाना था। कमेटी ने नियमों को उपेक्षा कर अधिकांश जल रक्षक आज भी न्यूनतम योग्यता नहीं रखते हैं।
आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि जल रक्षकों को रेगुलर करने में उनकी योग्यता बाधा बनी है। इनमें अधिकांश योग्यता नहीं रखते हैं। सरकार इन जल रक्षकों को एकमुश्त योग्यता में छूट देने के लिए मामला 3 जुलाई की मंत्रिमंडल में लाया जाना है।
जल रक्षकों, पंप ऑपरेटरों और फिटर की संख्या
धर्मशाला सर्किल 1652
नूरपुर 245
सुंदरनगर 5044
सोलन 566
हमीरपुर 673
नाहन 348