मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 8847 लोगों को कोरोना वायरस के लिए निगरानी में रखा गया है। इनमें से 5637 लोगों ने 28 दिन का अपना निगरानी समय पूरा कर लिया है। 3210 लोग अभी भी निगरानी में हैं। उन्होंने कहा कि गुरुवार को कोविड-19 के लिए 280 लोगों की जांच की गई। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश में कोरोना वायरस के लिए 3994 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा चुकी है।
अधिकारियों ने भी दी जानकारी
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि विभाग ने कोरोना के अतिरिक्त लोगों को अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए व्हाट्सऐप नंबर 01792227328 जारी किया है। सचिव आयुर्वेद जीके श्रीवास्तव ने कहा कि आयुर्वेद विभाग वरिष्ठ नागरिकों को आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से निशुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाएगा। विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. निपुण जिंदल ने कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के लिए की गई तैयारियों पर प्रस्तुति दी। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने गुरुवार को मुख्य सचिव की उपस्थिति में आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। इसमें कोविड-19 को लेकर सरकार के उठाए प्रभावी कदमों की जानकारी उपलब्ध करवाई गई। राज्यपाल ने कहा कि मौजूदा परिस्थिति में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। जांच और देखभाल के लिए उन्हें अधिक सक्रिय करने की आवश्यकता है। कहा कि मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए उन्हें पीपीई किट तथा अन्य आवश्यक सुविधा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने प्रदेश में कोरोना के अधिकांश निगेटिव मामले आने पर संतोष जताया। टेस्टिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में कृषि और बागवानी मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसानों को उनके उत्पाद के उचित दाम उपलब्ध हों। उत्पाद के लिए पैकेजिंग और परिवहन सुविधा को व्यापक तौर पर सुव्यवस्थित करने पर भी जोर दिया। राज्यपाल को अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में लगभग 500 उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेलीमेडिसन सुविधा शुरू की गई है, जहां विशेषज्ञ परामर्श का प्रावधान किया गया है। मुख्य सचिव अनिल खाची और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्यपाल को समय-समय पर उठाए कदमों की जानकारी दी।