ऐसे में इन सभी के खिलाफ केस वापस लिए जा सकते हैं। इनकी इस मामले में प्रत्यक्ष भूमिका होने से भी उन्होंने इंकार किया है और भर्ती अनियमितताओं में इनके खिलाफ ठोस सबूत होने से मना किया है।
जिन अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला वापस लेने की कवायद चल रही है, उनमें उस समय नगर परिषद सोलन में नियुक्त रहे सेवानिवृत्त एचएएस अधिकारी एससी कलसोत्रा, तत्कालीन पार्षद देवेंद्र ठाकुर, हेमराज गोयल, अन्य पदाधिकारी और वे सब लोग शामिल हैं, जिन्हें भर्ती किया।
आरोपियों में से कुछ का तो देहांत हो चुका है। जयराम सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले को भी राजनीतिक आधार पर दर्ज मानते हुए वापस लेने का फैसला लिया था। इस बारे में भी सरकार की मंजूरी के बाद सरकारी वकील सुनील वासुदेवा ने ही कोर्ट में केस वापसी की अर्जी दी है। विशेष न्यायाधीश सोलन के कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 24 नवंबर को रखी गई है।