इनके खिलाफ केस वापस लिया जा सकता है। इनकी इस मामले में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। न ही इनके खिलाफ कोई ठोस सुबूत ही हैं। इन आरोपियों में नगर परिषद सोलन में उस वक्त नियुक्त रहे तत्कालीन एचएएस अधिकारी एससी कलसोत्रा, नगर परिषद सोलन के तत्कालीन पार्षद देवेंद्र ठाकुर, हेमराज गोयल, अन्य पदाधिकारी और भर्ती होने वाले लोग शामिल हैं। कुछ आरोपियों का देहांत हो चुका है।
डा. राजीव बिंदल समेत अन्य के खिलाफ भर्ती में अनियमितताओं का मामला एक दशक पहले वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में दर्ज हुआ था। इसमें कुल 24 आरोपी बनाए गए। जयराम सरकार ने सत्ता में आते ही राजनीतिक आधार पर दर्ज मामलों को वापस लेने की बात की।
इस मामले को भी इसी श्रेणी में रखा गया। सरकार की मंजूरी के बाद डा. बिंदल के खिलाफ सरकारी वकील ने कोर्ट में केस वापसी की अरजी दे रखी है। कोर्ट में 24 नवंबर को इसकी सुनवाई होगी। गृह विभाग से अन्य आरोपियों की केस वापसी की सरकार की सहमति के बाद एक अन्य अरजी भी सरकारी वकील की ओर से कोर्ट में डाली जा सकती है।