नूरपुर हादसे से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार ने सूबे के ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रदेश में 697 ऐसे स्पॉट हैं, जहां हादसे होने की संभावना रहती है।
कई जगह तो दो से तीन दुर्घटना भी हो चुकी है। सरकार ने ऐसी जगह सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ किनारों पर क्रैश बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाने का फैसला लिया है।
इसके अलावा जहां लोगों की आवाजाही अधिक है, वहां ओवर ब्रिज बनाने का भी सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया है। इन कार्यों पर प्रदेश सरकार 50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन स्पॉट को ठीक करने के लिए पूरी तरह से प्लानिंग की जाए।
लोक निर्माण विभाग का दावा है कि समय समय पर ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त किया जा रहा है। कांगड़ा जिले में 90 के करीब ब्लॉक स्पॉट हैं, जबकि शिमला जिले में इनकी संख्या 50 के करीब है। इसी तरह कुल्लू और मनाली में 80 के करीब ब्लैक स्पॉट हैं।
नूरपुर हादसे के बाद सरकार का सड़कों पर फोकस
नूरपुर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रदेश सरकार सड़कों और पुलों पर फोकस किए हुए हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कों पर पहले परिवहन निगम के कर्मचारी निरीक्षण करेंगे, उसके बाद ही बस सेवा शुरू होगी।