प्रदेश सरकार हिमाचल की सीमाओं पर स्थापित टोल बैरियरों को बंद करने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर बाकायदा सरकार में मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि आगामी कैबिनेट बैठक में सरकार इस मुद्दे पर अहम निर्णय ले सकती है।
पुख्ता सूत्रों के मुताबिक सरकार ने आबकारी एवं कराधान विभाग के माध्यम से बैरियरों से होने वाली आय और इनके महत्व को लेकर रिपोर्ट तलब की है।
सूबे की सीमाओं पर कुल मिलाकर छोटे-बड़े 55 टोल बैरियर हैं, जिनसे सरकार को सालाना लगभग 103 करोड़ की आय होती है। इनमें अकेले ऊना जिला में 11 टोल बैरियर हैं। जबकि सरकार को एक्साइज विभाग से कुल 7 हजार करोड़ की आमदनी होती है।
लिहाजा सरकार हर वर्ग को राहत दिलाने के मकसद से यह बड़ा फैसला ले सकती है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक टोल बैरियरों संबंधी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा चुकी है।
इस संदर्भ में आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने कुछ भी कहने से इनकार करते हुए इतना कहा कि सरकार ने इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। यह कैबिनेट के निर्णय पर निर्भर करता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती का कहना है कि टोल बैरियर लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन चुके हैं। उम्मीद है कि सरकार इस पर भी जल्द कोई सकारात्मक निर्णय लेगी।