राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान
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उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी के खिलाफ राजकीय अध्यापक संघ ने दोबारा मोर्चा खोल दिया है। संघ ने 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे दिनकर बुराथोकी को सेवा विस्तार दिए जाने का विरोध किया है। संघ का कहना है कि सूचनाएं हैं कि सरकार वर्तमान निदेशक बुराथोकी को सेवा विस्तार दे सकती है।
ऐसे में अगर सरकार इस तरह का फैसला लेती है तो आने वाले विधानसभा चुनावों में सरकार को इसका अंजाम भुगतना होगा। राजकीय अध्यापक संघ ने सरकार से शिक्षा निदेशक के पद पर स्कूल कैडर या प्रशासनिक अफसर को बैठाने की मांग की है। राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि स्कूल कैडर या प्रशासनिक कैडर से उच्च शिक्षा निदेशक की नियुक्ति किए जाने की मांग पर पूरा संगठन एकजुट है।
मौजूदा उच्च शिक्षा निदेशक जोकि कॉलेज कैडर से हैं, उनकी सेवा विस्तार की खबरों पर संघ ने कड़ा संज्ञान लिया है। वीरेंद्र चौहान ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से अस्सी हजार शिक्षकों की मांग को ध्यान में रखते हुए इस संदर्भ में गंभीरता से विचार करने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि आम चुनावों के लिए महज कुछ महीने शेष रह गए हैं।
इन हालात में शिक्षकों की अनदेखी का प्रयास न किया जाए अन्यथा इसके गंभीर नतीजे होंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा निदेशक के कार्यकाल को बढ़ाया गया तो संघ इसका जोरदार विरोध करेगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा शिक्षकों के स्वाभिमान और आत्मसम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
चौहान ने उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा और स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसएसए, आरएमएसए प्रशासनिक कैडर से हैं। उनके शिक्षकों के साथ बेहतर तालमेल के साथ काम करने का तरीका बहुत ही तारीफ योग्य है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री को सारी विषयवस्तु का ज्ञान है। आशा की जानी चाहिए कि वे अस्सी हजार शिक्षकों की भावनाओं के अनुरूप ही निर्णय लेंगे।