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बड़ा खुलासा: अफसरों के मना करने पर भी गोल्ड रिफाइनरीज को दे दी टैक्स छूट

Wed, 28 Feb 2018 01:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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नादौन और परवाणू की दो गोल्ड रिफाइनरी यूनिटों से जुड़े मामले में कुछ नेता फंस सकते हैं। जयराम मंत्रिमंडल की बैठक में अधिकारियों ने स्थिति साफ की है कि उनका इसमें कोई दोष नहीं है। पुरानी फाइलें देखी जा सकती हैं।

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पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो गोल्ड रिफाइनरीज को प्रवेश कर में विशेष छूट देने पर एसओ से लेकर प्रधान सचिव तक ने आपत्तियां दर्ज की थीं कि ऐसा नहीं हो सकता है।

उस वक्त अधिकारियों ने कैबिनेट को भेजी फाइल में नकारात्मक नोटिंग तक चढ़ा दी थीं। बावजूद इसके चहेतों को फायदा देने का मामला कैबिनेट में गया और नियमों में संशोधन किए बगैर ही दो रिफाइनरीज को सोने को हिमाचल में लाने के लिए प्रवेश कर में छूट दे दी गई।
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इनमें से रिफाइनरीज मालिक एक कद्दावर कांग्रेस नेता के खिलाफ चुनाव भी लड़ता आया है। इस रिफाइनरीज मालिक के पूर्व कैबिनेट मंत्री के साथ बेहतरीन संबंध बताए जाते रहे हैं।

इन्हीं संबंधों के चलते ही नियमों को दरकिनार किया गया। इसी बीच जयराम कैबिनेट ने इस मामले की जड़ तक जाने के लिए विजिलेंस जांच के आदेश दिए कि ऐसा क्यों किया गया।

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14 करोड़ रुपये वसूले जाएंगे

अगर इसमें किसी तरह का आपराधिक षड्यंत्र और जालसाजी रही है तो इस मामले की जांच में सारी बातें सामने लाई जाएं।

सूत्रों ने बताया कि आगामी दिनों में राज्य गृह विभाग विजिलेंस जांच को यह मामला भेज सकता है। विजिलेंस जांच में संबंधित नेताओं के बैंक खातों को खंगालने से लेकर तमाम तरह की कार्रवाइयां की जा सकती हैं।

सूत्रों ने बताया कि वीरभद्र सरकार के तत्कालीन मंत्रिमंडल में मौजूद रहे कुछ अफसर सोमवार को हुई जयराम कैबिनेट मेें शामिल थे। इन्हें इस सरकार ने भी अच्छे पद दिए हैं।

इन्होंने ही ये बात सामने लाई है कि अधिकारियों के न-न करने के बावजूद पूर्व कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल ने हां में हां मिलाते हुए नियमों में संशोधन किए बगैर ही अनावश्यक लाभ दिया।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की दो गोल्ड रिफाइनरीज के लिए टैक्स को रिफंड करने की योजना को समाप्त करने का फैसला लिया गया।

विजिलेंस जांच के अलावा इन फर्मों को एरियर के रूप में 14,10,98,423 रुपये वसूलने के भी आदेश दिए गए। इन गोल्ड रिफाइनरीज को गुड्स इन टू लोकल एरिया एक्ट 2010 के तहत एरियर जमा करना है। 
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