हिमाचल में इस बार रिकॉर्ड 2600 किलोमीटर सड़कों की टारिंग होगी। सरकार ने लोक निर्माण विभाग को इतने किमी सड़क की टारिंग करने का लक्ष्य दिया है। अब तक प्रदेश में 1800 किलोमीटर तक सड़क की टारिंग होती रही है। पहली बार सरकार इतने बड़े पैमाने पर टारिंग करवाने जा रही है।
बड़ी बात यह है कि प्रदेश के बर्फीले क्षेत्रों में डबल टारिंग होगी। बर्फबारी के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की टारिंग उखड़ जाती है। अब इनमें डबल टारिंग करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी विधानसभा में पहले की अपेक्षा मोटी टारिंग करने की बात कह चुके हैं। प्रदेश में 15 अप्रैल से टारिंग का काम शुरू होगा।
लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। सप्ताह के भीतर ठेकेदारों को काम आवंटित किए जाएंगे। सरकार ने लोक निर्माण विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग को भी निर्देश दिए हैं कि वह समय-समय पर टारिंग की गुणवत्ता की जांच करते रहे, ताकि गड़बड़ी होने की आशंका पैदा न हो।
4 महीने तक चलेगा टारिंग का काम
हिमाचल में अगस्त मध्य तक टारिंग का काम चलता रहेगा। लोक निर्माण विभाग का मानना है कि अगर इसके बाद भी मौसम साथ देता है तो काम चलता रहेगा।
हिमाचल में इस बार 2600 किलोमीटर सड़कों की टारिंग होगी। सड़कों की टारिंग के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। इस बार लोक निर्माण विभाग रिकॉर्ड टारिंग करेगा। - अशोक चौहान, चीफ इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग