निजी वाहनों के रियायती पास बनेंगे
सरकार ने प्रदेश के टैक्सी चालकों को भी बड़ी राहत दी है। हिमाचल नंबर की पांच सीटर टैक्सी को अब तक शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। अब 12 सीटर तक टैक्सी को शुल्क से छूट देने का फैसला लिया गया है। टोल बैरियर के पांच किलोमीटर की परिधि में रहने वाले हिमाचल और पड़ोसी राज्यों के लोगों के निजी वाहनों के रियायती पास बनेंगे। पहले सिर्फ हिमाचल के लाेगों के पास बनते थे। पास कितनी राशि का बनेगा, इसको लेकर एक-दो दिन में दरें तय होंगी।
मान ने नहीं सुना फोन, राजा वड़िंग से भी की बात: सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को लेकर मैंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फोन किया था लेकिन उन्होंने फोन नहीं सुना। मैंने इसे लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से भी बात की। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों रियायती पास बनाने का आग्रह किया। वहीं विधानसभा के व्यवस्था के प्रश्न के दौरान सदस्य सतपाल सत्ती ने कहा कि जिन अधिकारियों पर पहले आरोप लगते थे, उन्हें अब अच्छे पदों पर तैनात किया जा रहा है। उन्होंने एंट्री टोल टैक्स की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि ठेकेदार इसमें अपनी जेब भर रहे हैं। इसके अलावा, हर वर्ष अपने रिश्तेदारों का नाम बदलकर नई कंपनियां बना दी जाती हैं, जिससे पारदर्शिता और सही संचालन प्रभावित हो रहा
एंट्री टैक्स और सेस वृद्धि के खिलाफ भाजपा विधायकों ने किया प्रदर्शन
वहीं भाजपा विधायक दल ने मंगलवार को एंट्री टैक्स वृद्धि और पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने के निर्णय के विरोध में विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में एकजुट हुए भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए विधानसभा के मुख्य गेट तक मार्च करते हुए सरकार के खिालाफ नारेबाजी की। मीडिया को संबोधित करते हुए नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार जहां मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात देख देश में नागरिकों को पेट्रोल और डीजल के दाम में वैट दस रुपये घटाकर राहत दे चुकी है तो दूसरी और हिमाचल में सुक्खू सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जो न केवल प्रदेश की जनता की कमर तोड़ रहे हैं, बल्कि अब इन फैसलों की गूंज पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा तक पहुंच गई है। दूसरे राज्यों के लोग और ट्रांसपोर्टर इस वृद्धि के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।
जयराम ठाकुर ने ये कहा
जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि छोटी गाड़ियों पर लगने वाले एंट्री टैक्स को 70 रुपये से बढ़ाकर सीधे 170 रुपये और बड़ी गाड़ियों के लिए इसे एक हजार रुपये तक कर दिया गया है, जो न केवल तर्कहीन है बल्कि पर्यटन पर आधारित हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम साबित होगा। विधानसभा में एक्ट पास कर पेट्रोल और डीजल में पांच रुपये विधवा और अनाथ सेस लगाकर जनता पर भारी बोझ लादने की तैयारी कर ली है। नेता विपक्ष ने चिंता जताई कि सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह निर्णय दैनिक आर्थिक उगाही जैसा बोझ बन जाएगा, जिससे आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने की कगार पर हैं। टैक्स वृद्धि के विरोध में पड़ोसी राज्यों के लोगों ने 31 मार्च की रात से प्रदेश में वाहनों का प्रवेश बंद कर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
एंट्री टैक्स को लेकर संघर्ष बुधवार सुबह आठ बजे तक किया स्थगित
प्रदेश में लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब, हिमाचल और हरियाणा के बीच चल रहा विवाद के बीच प्रदर्शनकारियों ने अपना संघर्ष बुधवार सुबह 8:00 बजे तक स्थगित कर दिया है। हिमाचल सरकार ने 5, 7 और 12 सीटर वाहनों पर छूट दे दी है। इसमें पुराने टैक्स ही लगेंगे लेकिन उनकी मांग है कि हिमाचल का साथ लगते जिलों को छूट दी जाए। इन जिलों के लोगों की रिश्तेदारियों हिमाचल में हैं और इनका आना जाना लगा रहता है। हिमाचल सरकार ने नई नोटिफिकेशन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन पंजाब के आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सीमा से लगे जिलों को पूरी तरह छूट नहीं मिलती, संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष को सुबह 8:00 बजे तक स्थगित किया गया है। जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती तब तक टोल फ्री कर दिया जाए।
पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा और पूर्व डीआईजी दलजीत सिंह राणा ने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में हिमाचल सरकार पीछे हटने लगी है। अभी तक उन्होंने पंजाब के लोगों के करीब 50 करोड़ रुपये की जबरन वसूली रुकवा दी है। यह उनकी आंशिक जीत है, पूरी जीत अभी बाकी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हिमाचल सरकार यातायात सामान्य करना चाहती है तो पंजाब से लगते सभी 33 एंट्री टैक्स नाकों को तुरंत फ्री किया जाए और टैक्स वसूली बंद की जाए। अन्यथा 1 अप्रैल से पंजाब-हिमाचल सीमा पर पूर्ण चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह लड़ाई सिर्फ निजी वाहनों की नहीं है, बल्कि टैक्सी चालकों, ट्रक यूनियनों और किसानों की भी है, जो इस गैर वाजिब टैक्स के खिलाफ एकजुट हुए हैं। आंदोलनकारियों की मांग है कि रूपनगर, पठानकोट, होशियारपुर और मोहाली जैसे सीमा से जुड़े जिलों को पूरी तरह छूट दी जाए। इस मौके पर पूर्व डीआईजी जेल दलजीत सिंह राणा, किरती किसान मोर्चा के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह भुट्टो सहित कई नेता मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि जब तक एंट्री टैक्स पूरी तरह खत्म नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।