गुड़िया केस में लॉकअप हत्या मामले में सीबीआई की ओर से गिरफ्तार पूर्व एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है।
गुड़िया दुराचार और हत्या मामले से संबंधित लॉकअप मौत मामले में सीबीआई की गिरफ्त में चल रहे विजिलेंस ब्यूरो शिमला के एसपी और शिमला जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है।
सीबीआई की गिरफ्तारी में 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद नेगी की डीम्ड सस्पेंशन हो गई है। इसके बाद राज्य सरकार ने भी निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं। नेगी को सीबीआई ने शिमला स्थित रेलवे बोर्ड बिल्डिंग में वीरवार को दोपहर बाद गिरफ्तार किया।
नेगी उस वक्त शिमला जिले के एसपी थे, जब गुड़िया प्रकरण हुआ। नेगी पर आरोप है कि कोटखाई थाने के लॉकअप में नेपाली सूरज सिंह की हत्या पर दूसरे आरोपी राजू के खिलाफ झूठा मुकदमा बनाने में उनकी भी संलिप्तता रही।
विजिलेंस ब्यूरो के एसपी भी थे नेगी
सीबीआई जांच के मुताबिक सूरज सिंह की हत्या उस वक्त हुई, जब थाना प्रभारी उसे लॉकअप से बाहर पूछताछ के लिए ले गया। इस मौत के लिए पुलिसकर्मियों को ही जिम्मेवार ठहराते हुए सीबीआई ने आईजी जहूर एच जैदी, डीएसपी मनोज जोशी, थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह समेत आठ पुलिस को तीन महीने पहले गिरफ्तार किया।
अब इसमेें नौवीं गिरफ्तारी शिमला के तत्कालीन एसपी डीडब्ल्यू नेगी की हुई है। डीडब्ल्यू नेगी शनिवार तक विजिलेंस ब्यूरो के एसआईयू में एसपी थे। मगर अब इस पद से भी सस्पेंड कर दिया गया है।
डीजीपी सोमेश गोयल का कहना है कि नेगी को निलंबित करने की सूचना हिमाचल सरकार को पहले ही दे दी गई है। निलंबन के बारे में सरकार ने ही फैसला लेना है। राज्य सरकार के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि डीम्ड सस्पेंशन के बाद अब डीडब्ल्यू नेगी के निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
सीबीआई की कड़ी पूछताछ से गुजर रहे नेगी
वरिष्ठ एचपीएस अधिकारी डीडब्ल्यू नेगी नई दिल्ली मेें सीबीआई की कड़ी पूछताछ से गुजर रहे हैं। डीडब्ल्यू नेगी से सीबीआई ये जानना चाह रही है कि लॉकअप में बंद बताए गए सूरज सिंह की हत्या किसने और क्यों की?
जिम्मेवार पुलिसवालों को बचाने के लिए राजू पर फर्जी मुकदमा किसके प्रभाव मेें दर्ज करवाया गया? ये भी पूछा जा रहा है कि क्या इसमें किसी प्रभावशाली व्यक्ति का किसी तरह का कोई दबाव तो नहीं रहा है?
अगर रहा है तो वह कौन व्यक्ति है? नेगी के बयान के बाद ही सीबीआई इस मामले में जांच की अगली दिशा तय करेगी। इसी बीच कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।