हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से शनिवार को प्रस्तावित स्कूल शिक्षा निदेशालय के घेराव की चेतावनी के बीच सरकार ने शिक्षक संघ को नोटिस जारी किया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अगर शिक्षकों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया तो इसे मिस कंडक्ट माना जाएगा। उन्होंने नियोजित आंदोलन को गंभीर कदाचार और केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 का उल्लंघन भी बताया है। शिक्षा सचिव की ओर से प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा और महासचिव संजय को नोटिस जारी किया है।
16 अप्रैल 2025 को शिक्षक संघ ने सरकार को नोटिस जारी कर हाल ही में शिक्षा निदेशालयों के हुए प्रशासनिक पुनर्गठन का विरोध किया है। इसके जवाब में शिक्षा सचिव ने कहा कि विरोध नोटिस जारी करने का कार्य सीसीएस आचरण नियमों के नियम 7 के अनुसार कदाचार के अंतर्गत आता है । जो सरकारी कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की हड़ताल या जबरदस्ती में भाग लेने या उसे बढ़ावा देने से रोकता है। इसमें नियम 9 का भी संदर्भ दिया गया है, जो सरकारी कर्मचारियों को सरकारी नीतियों की आलोचना करने से रोकता है।
नोटिस में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि नया निदेशालय छात्रों, शिक्षकों और राज्य की शिक्षा प्रणाली के सर्वोत्तम हित में लिया गया एक सचेत नीतिगत निर्णय है। सरकार ने आधिकारिक चैनलों के माध्यम से वैध चिंताओं को हल करने के लिए अपने खुलेपन को दोहराया, लेकिन चेतावनी दी कि विरोध के माध्यम से प्रशासन पर दबाव डालने या ब्लैकमेल करने का कोई भी प्रयास अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है। विरोध में शामिल शिक्षकों को तुरंत नोटिस वापस लेने और किसी भी तरह के आंदोलन में भाग लेने से परहेज करने का निर्देश दिया गया है।