गुज्जर समुदाय के लगभग 84 छात्र यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्राथमिक पाठशाला में 61 छात्र और छठी से आठवीं तक 24 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 2015 में सरकार ने मिडल स्कूल की घोषणा तो कर दी, लेकिन भवन की कोई व्यवस्था नहीं की। एक हाल और किचन के लिए चार लाख से ज्यादा का बजट स्वीकृत हो चुका है, लेकिन वह विभाग की जमीन होने के कारण पेच फंसा है। अभी तक जमीन स्कूल के नाम नहीं हो पाई है। स्कूल के प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि मिडल स्कूल के पास अपना कोई भवन नहीं है।
धूप में जगह-जगह पेड़ों के नीचे बैठकर पढ़ाई करवाई जाती है। बरसात में प्राथमिक पाठशाला के भवन में बच्चों को रखा जाता है। डीएफओ पांवटा साहिब कुनाल अंगरिश ने बताया कि स्थानीय ग्रामीण समस्या को लेकर कई बार उनके मिले हैं। वन अधिकार अधिनियम के तहत स्कूल को जमीन ट्रांसफर करने की उन्हें शक्ति दी गई है। इसके लिए पंचायत की ग्रामसभा का प्रस्ताव होना चाहिए, लेकिन पंचायत में ग्रामसभा का कोरम ही पूरा नहीं हो रहा।