सरकार के प्रवक्ता ने बताया है कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि किसानों को खेती के लिए बिजली 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से दी जाएगी, जबकि वर्तमान दर एक रुपये प्रति यूनिट है।
मंत्रिमंडल ने बुधवार को इसको मंजूरी दे दी। प्रवक्ता ने बताया कि सूचना एवं जन संपर्क विभाग की गलती के कारण 35 पैसे प्रति यूनिट रिपोर्ट किया गया, जबकि वास्तव में इसे 75 पैसे प्रति यूनिट किया गया है।