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जरूर पढ़ें, शिक्षकों से जुड़ी ये बड़ी खबर

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31 दिसंबर को छह हजार से ज्यादा शीतकालीन स्कूलों में खत्म हो रहे सत्र की वजह से एक महीने के लिए स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) शिक्षकों की भर्ती रोक दी है। इन स्कूलों में जनवरी 2015 में भर्ती नहीं होगी। फरवरी पहले हफ्ते से इन स्कूलों में नया सत्र शुरू होते ही भर्तियां शुरू हो जाएंगी। इन स्कूलों में अब तक करीब ढाई हजार नई नियुक्तियां हो चुकी हैं। कई स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जो 31 दिसंबर तक ही जारी रहेगी।
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उल्लेखनीय है कि 28 जुलाई 2014 को प्रदेश सरकार ने एसएमसी के तहत पूरे प्रदेश में भर्तियां करवाने की अधिसूचना जारी की थी। इससे पूर्व एसएमसी के तहत केवल ट्राइबल और हार्ड एरिया में ही एसएमसी के तहत भर्तियां होती थीं। सितंबर से सरकार के नए आदेशों के तहत विभाग ने भर्तियां शुरू की हैं। एसएमसी टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव यशवंत डोगरा ने कहा कि शीतकालीन सत्र वाले स्कूलों में सत्र समाप्त होने के कारण यह फैसला लिया गया है।

300 एसएमसी टीचर गए कोर्ट

नई भर्ती के दौरान विभाग ने पुराने एसएमसी टीचर की जगह भी नई भर्ती शुरू कर दी थी। इससे पुराने एसएमसी टीचर को रिप्लेस किया जा रहा था। ऐसे करीब 300 शिक्षक कोर्ट चले गए हैं। कोर्ट ने संबंधित शिक्षकों के स्कूलों में नए एसएमसी के तहत भर्ती पर रोक लगा दी है।

अभी नहीं मिली ग्रांट
वर्षों से बिना मानदेय कार्य कर रहे शिक्षकों को सरकार ने अभी तक ग्रांट जारी नहीं की है। नए आदेशों के बाद भर्ती हुए शिक्षकों को भी अभी तक मानदेय नहीं मिला है। इन शिक्षकों को पीरियड के आधार पर कम से कम 4500 और अधिक से अधिक 6000 मासिक मानदेय है।

पीटीए शिक्षकों को एकमुश्त अनुबंध पर लेने के संकेत

हिमाचल में पीटीए शिक्षकों को एकमुश्त अनुबंध पर लेने की तैयारी है। सभी पीटीए शिक्षकों को एक साथ कांट्रेक्ट लाभ दिया जा सकता है। इसके अलावा ब्रेक पीरियड को भी सर्विस में जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय ने पीटीए शिक्षकों को ऐसे संकेत दिए हैं। आठ साल के बजाय इन शिक्षकों के लिए अनुबंध पर लेने की शर्त सात साल की जा सकती है।

मंगलवार को पीटीए शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल पीटीए टीचर एसोसिएशन अध्यक्ष विवेक मेहता की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिला। इस भेंट के बाद अध्यक्ष विवेक मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उन्हें मांगों को पूरा करने को लेकर आश्वासन दिया है। प्रदेश में करीब 6,945 पीटीए शिक्षक हैं जो 2006-07 से विभिन्न स्कूलों में कार्यरत हैं।

मिल सकती है राहत

ऐसे में इन शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उन्हें नए नहीं बल्कि भर्ती के दौरान के आरएंडपी रूल्स के तहत अनुबंध पर लाया जाए। प्रतिनिधिमंडल में संघ के महासचिव शिशुपाल गाजटा, उपाध्यक्ष प्रताप फौजी, संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष भारद्वाज सहित दर्जनों पदाधिकारी शामिल हुए। अतिरिक्त मुख्य सचिव वीसी फारका ने बताया कि यह सरकार का आंतरिक मामला है और वे इस बारे में कोई कमेंट नहीं करेंगे

ब्रेक इन सर्विस वाले शिक्षकों को भी राहत मिल सकती है। जिन शिक्षकों की सर्विस के दौरान टर्मिनेशन, विरोध प्रदर्शन, बैन पीरियड (6 नवंबर 2006 से 10 जुलाई 2007 तक), अनुपस्थिति का समय, अवकाश समय और रिप्लेस पीरियड को भी सर्विस में जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।
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आज से शुरू होगी छंटनी

आठ साल पूरा कर चुके करीब पांच हजार शिक्षकों ने निदेशालय को अपने दस्तावेज भेजे हैं। इस सेवाकाल के दौरान शिक्षकों का कितना और कैसा कार्यकाल रहा, इसके बारे में छंटनी शुरू होगी। जो शिक्षक औपचारिकताएं पूरी करते हैं, उन्हें गवर्नमेंट कांट्रेक्ट मोड में लाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अशोक शर्मा ने कहा कि बुधवार से पीटीए शिक्षकों द्वारा भेजे सर्विस पीरियड को लेकर भेजे दस्तावेजों की छंटनी शुरू की जाएगी।

325 हेडमास्टर और लेक्चरर बने प्रिंसिपल
प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 325 हेडमास्टर और लेक्चरर को प्रिंसिपल पद पर प्लेसमेंट के आदेश जारी किए हैं। इनमें 188 हेडमास्टर और 137 लेक्चरर शामिल हैं। इन हेडमास्टर्स और लेक्चरर्स को प्रिंसिपल का पद तो मिलेगा, लेकिन प्रिंसिपल के वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे। इन शिक्षकों की प्रमोशन का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण सरकार ने इन्हें प्लेसमेंट दी है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एजूकेशन की ओर से यह अधिसूचना जारी हुई है।
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