हिमाचल में 20 से 25 फीसदी तक बस किराया बढ़ सकता है। परिवहन विभाग ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। अब मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री को इस पर फैसला लेना है। सीएम जयराम ठाकुर शिमला पहुंच गए हैं, जबकि परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर हिमाचल से बाहर हैं। अगले साल लोकसभा चुनाव हैं।
बताया जा रहा है कि सरकार जनता पर बोझ भी नहीं डालना चाहती है। दूसरी ओर, सरकार ने निजी ऑपरेटरों को किराया बढ़ाने का भी आश्वासन दिया था। इसके चलते निजी ऑपरेटर सरकार से उखड़े हैं। अब सरकार असमंजस में पड़ गई है।
निजी बस ऑपरेटर किराया बढ़ाने को लेकर बीते महीनों एक दिन की हड़ताल पर थे। उस समय सरकार ने ऑपरेटरों को किराया बढ़ोतरी आश्वासन दिया था, अब ऑपरेटर अपनी मांगें मनवाने के लिए अनिश्चित हड़ताल पर चले गए हैं।
निजी ऑपरेटर यूनियन के महासचिव रमेश कमल का कहना है कि बीते महीनों से लगातार डीजल के रेट में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन प्रदेश सरकार बीते सालों से किराया नहीं बढ़ा रही है।