घोषणा पत्र के पेज नंबर 14 में कहा था कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा शुरू रूसा के तहत च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम और सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दोबारा वार्षिक प्रणाली शुरू की जाएगी।
अब सरकार बनने के बाद रूसा को बंद करना तो सरकार को मुमकिन नहीं लग रहा लेकिन सेमेस्टर प्रणाली को समाप्त कर सरकार अपने वायदे को कुछ हद तक पूरा करने जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) को लेकर शिक्षा मंत्री को विस्तार से समझा दिया है।
बताया गया है कि रूसा को बंद करना मुमकिन नहीं है। अगर प्रदेश में रूसा को लागू नहीं किया गया तो केंद्र सरकार से मिलने वाली फंडिंग बंद हो जाएगी। इन सभी तथ्यों को बताते हुए विभागीय अधिकारियों ने रूसा के तहत सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त करने की वकालत की है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सेमेस्टर सिस्टम फेल होने का मुख्य कारण प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा समय से परीक्षा परिणाम नहीं निकालना है। इसको लेकर ही छात्र संगठन भी मुखर हैं। अगर सेमेस्टर प्रणाली को समाप्त कर दिया जाए तो रूसा को लेकर हो रहा विरोध शांत हो जाएगा।
शिक्षा विभाग ने पूर्व कांग्रेस सरकार के समय पहली अप्रैल 2017 के बाद लिए गए फैसलों को रिव्यू करने की फाइल सचिवालय भेज दी है। विभाग ने करीब दस फैसलों को समीक्षा के लिए भेजा है।
इसमें अप्रैल के बाद खोले गए नए स्कूल-कॉलेजों, अपग्रेड स्कूलों, नए स्कूल भवन बनाने को लैंड ट्रांसफर करने, संगीत विषय के शिक्षकों की भर्ती करने के मामले प्रमुख हैं। शिक्षा मंत्री इन फैसलों पर चर्चा के बाद कैबिनेट में ले जाने वाले मामलों को मंजूरी देंगे।