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OMG! सरकार ने तीन बडे़ वकीलों को दिए साढे़ 47 लाख रुपये

Tue, 20 Dec 2016 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तपोवन (कांगड़ा)
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सरकार ने एचपीसीए मामलों में पिछले दो साल में सुप्रीमकोर्ट के तीन बडे़ अधिवक्ताओं को 47 लाख 45 हजार रुपये की फीस दी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सदन के पटल पर यह जानकारी देहरा के भाजपा विधायक रविंद्र सिंह रवि के सवाल के लिखित जवाब में रखी। लिखित जवाब के मुताबिक एचपीसीए मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता आएस चीमा को 9,50,000 रुपये, इसी मामले में कपिल सिब्बल को 4,95,000, डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी को 33,00,000 की फीस दी गई। 
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कई अन्य मामलों में भी देश के नामी वकीलों को लाखों की फीस दी गई। सोमवार को सदन पटल पर रखे गए लिखित जवाब के मुताबिक इंडिया होटल्स बनाम राज्य सरकार मामले में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया पीएस नरसिम्हा और अन्य विधि अधिकारियों को कुल 17 लाख 40 हजार की फीस दी गई। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुनील मुरक्का को ईस्ट इंडिया होटल सीमित

बनाम राज्य सरकार मामले में 10 लाख 50 हजार और इसी मामले में सीए अशोक विज को 28 लाख 12 हजार 430 रुपये दिए गए। गुजरात अंबुजा सीमेंट मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज को 3,85,000, हरभजन सिंह बनाम हिमाचल सरकार मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभु बसारा को 5,74,000 और एचपीईआरसी बनाम एचपीएसईबी मामले में अधिवक्ता राणा एस बिसवास को 1,28,296 रुपये फीस दी गई।
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नहीं हुई प्रश्नकाल की घोषणा, स्पीकर ने कार्यवाही में शामिल किए सवाल

एचपीएसईबी के एक मामले में नरेश कुमार को 70,400, जेपी मामले में भी नरेश को 90,300 रुपये, एचपीसईबी मामले में नरेश कुमार को 48,400, जेपी मामले में आनंद गणेशन को 77,500, एचपीएसएफसी के एक मामले में अधिवक्ता सौरभ अग्रवाल को

70,000, एचपीएसएफसी के एक अन्य मामले में सौरभ अग्रवाल को 70,000 और सौरभ अग्रवाल को एक तीसरे मामले में 4,65,000 और एक अन्य याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एसजी हंसर को 2,20,000 रुपये फीस दी गई। 

सोमवार को शोकोद्गार प्रस्ताव पर चर्चा पूरी होने के बाद स्पीकर बृज बिहारी बुटेल ने प्रश्नकाल की घोषणा तो नहीं की, मगर उन्होंने कहा कि ये विधायकों की ओर से जो सवाल पूछे गए और उनके मंत्रियों की ओर से जो जवाब सदन के पटल पर रखे गए हैं, उन्हें कार्यवाही में शामिल माना जाए।
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