जयराम सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट तैयार करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए सरकारी विभागों से आय-व्यय का लेखाजोखा मांगा गया है। इसे भेजने के लिए एक प्रारूप भी जारी किया गया है। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आगामी वित्तीय वर्ष का बजट एक महीने पहले यानी फरवरी के शुरू में ही पेश हो सकता है।
राज्य सरकार ने योजना विभाग की वेबसाइट पर विभागों को लेखाजोखा प्रस्तुत करने के लिए एक फॉर्म अपलोड किया है। इसमें दस कॉलम दिए गए हैं। विभागों को इसमें विकास का हेड, योजनावार व्यय और प्रस्तावित आउटले का ब्योरा देना होगा। इसमें स्टेट प्लान और सेंट्रल प्लान के अलग-अलग कॉलम भरने होंगे। ग्रांड टोटल रकम भी लिखनी होगी।
फॉर्म भरने के बाद इसे योजना विभाग को देना होगा। वर्ष 2019 में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस बार जहां बजट सत्र फ रवरी के पहले हफ्ते में ही शुरू होगा, वहीं इसी सप्ताह बजट पेश करने के बाद इसे इसी माह या मार्च के शुरू में ही पारित किया जा सकता है। आमतौर पर बजट सत्र फ रवरी के अंतिम सप्ताह से शुरू होता है। बजट का पारण मार्च अंत या अप्रैल में ही होता है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त ने ली चार विभागों की बैठक
आगामी बजट प्रस्तावों को तैयार करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त एवं योजना अनिल खाची ने सोमवार को चार विभागों सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, युवा सेवाएं एवं खेल, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग की बैठकें लीं। इन विभागों के सचिवों और अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने महकमों की प्राथमिकताएं बताईं। कुछ महकमों की बैठकें इससे पहले भी हो चुकी हैं।