अवैध भवनों को वैध बनाने का कानून सोमवार से लागू हो सकता है। हिमाचल सरकार के विधि विभाग के निरीक्षण के बाद राज्य सरकार विधेयक से अधिनियम बन चुके इस कानून को लागू कर सकती है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद टीसीपी संशोधन विधेयक ने अधिनियम का रूप ले लिया है। सोमवार को सरकार इसे अधिसूचित कर राजपत्र में प्रकाशित कर सकती है।
अवैध भवनों को नियमित करने के इस टीसीपी संशोधन विधेयक को राज्यपाल आचार्य देवव्रत की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार के विधि विभाग ने इसके कानूनी पहलुओं को जांच लिया है। इस अधिनियम की अधिसूचना के राज्य सरकार के राजपत्र में छपने के बाद ही इसे लागू माना जाएगा।
नए नगर नियोजन संशोधन अधिनियम में 60 दिन के भीतर भवन मालिक को अपने भवनों को नियमित करवाने के लिए आवेदन देने होंगे। हिमाचल में इस नए कानून का लाभ लगभग 30 हजार भवन मालिकों को होगा। अधिनियम के मुताबिक लोगों को अपने भवनों को नियमित करने के लिए सामान्य क्षेत्रों में प्रति वर्ग मीटर 400 से 1200 रुपये शुल्क देना होगा।
नगर निगम और शहरी निकायों के तहत आने वाले क्षेत्रों में यह शुल्क इससे दोगुना देना पडे़गा। प्रधान सचिव विधि डॉ. बलदेव सिंह ने कहा है कि उनके पास यह अधिनियम आया था, जिस पर उन्होंने निरीक्षण के बाद हस्ताक्षर कर दिए हैं।
अब इसे अधिसूचित करने के लिए भेज दिया गया है। हालांकि, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगर नियोजन मनीषा नंदा ने बताया कि विधि विभाग की मंजूरी के बाद इस बारे में अधिसूचना जारी होगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को ही इस बारे में आगामी कदम उठाए जा सकते हैं।