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प्रतिनियुक्ति से अफसरों की वापसी के लिए अब पत्र नहीं लिखेगी सरकार

Wed, 04 Sep 2019 12:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश सरकार
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हिमाचल प्रदेश में अधिकारियों की कमी का रोना रो रही जयराम सरकार ने अचानक मामले में चुप्पी साध ली है। कुछ समय पहले तक सरकार अफसरों की कमी को दूर करने के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों को बुलाने का विचार कर रही थी। छह अफसरों का नाम भी तय किया गया जिन्हें बुलाया जाना था या उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाना था।

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लेकिन अफसरों के दबाव का नतीजा यह हुआ कि अब सिर्फ एक अधिकारी के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद प्रदेश सरकार केंद्र को पत्र भी नहीं लिख रही। सूत्रों की मानें तो कुछ समय पहले केंद्र में तैनात अधिकारियों ने प्रदेश में बैठे अधिकारियों की इस कवायद पर नाराजगी जताई। चूंकि केंद्र में तैनाती के दौरान परिवार को भी वहीं ले जाते हैं, ऐसे में प्रदेश वापसी के शिगूफे ने उनकी धड़कनें बढ़ा दीं।

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अफसरों ने दलील दी कि जब प्रदेश में पिछले पांच साल में औसतन 16 सचिव स्तर के अधिकारी रहने पर दिक्कत नहीं हुई तो इस बार क्यों हो रही है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने अमिताभ अवस्थी को बुलाकर उन्हें सचिव पद पर पदोन्नति व नियुक्ति दे दी। इसके बाद सूबे में सचिव स्तर के अधिकारियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई। अब औसत संख्या से ज्यादा सचिवों के होने के बाद अफसरों की दलील को बल मिल गया है।

लिहाजा, सरकार ने अब केंद्र को पत्र लिखने का आइडिया ड्रॉप कर दिया है। नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्र से अफसर इसलिए भी नहीं आना चाहते क्योंकि कुछ अफसरों को ज्यादा काम और कुछ से बिलकुल काम नहीं लिया जाता। लिहाजा काम न होने पर वह ठगा सा महसूस करते हैं। उधर, केंद्र में सभी स्तर के अधिकारियों के  पास समान कार्य ही रहता है साथ ही ज्यादा सुविधाएं भी होती हैं, इसलिए वह प्रदेश नहीं लौटना चाहते।
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