इसे 5, 10 और 15 फीसदी की दर से मूल वेतन में बढ़ोतरी के रूप में दिया जाता है। यानी 65 साल की उम्र में मूल वेतन का पांच फीसदी, 70 साल की उम्र में मूल वेतन का 10 फीसदी और 75 वर्ष की आयु में मूल वेतन का 15 प्रतिशत बढ़ोतरी लाभ दिया जाता है।
मगर जो रिटायर आईएएस अधिकारी हिमाचल से बाहर से बैंकों के माध्यम से पेंशन निकाल रहे हैं, उन्हें पिछले काफी समय से यह लाभ नहीं दिया जा रहा है। इन रिटायर अधिकारियों ने अपने साथ हो रहे भेदभाव का मामला उठाया तो अब नई व्यवस्था की गई है कि इस तरह के मामलों में अब पेंशन कैपिटल ट्रेजरी से ही ड्रॉ करनी होगी, वहां पर ही हर साल जीवन प्रमाणपत्र भी देना होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल खाची की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।