केंद्र सरकार भले ही योजना आयोग को भंग कर चुकी हो, लेकिन प्रदेश सरकार अभी भी योजना आयोग के पुराने पैटर्न पर ही बजट की तैयारियों में जुटी है। प्रदेश सरकार के योजना विभाग ने साल 2016-17 के लिए 56 सौ करोड़ रुपये की योजनाओं का खाका तैयार किया है। यह आंकड़ा पिछले साल के स्टेट प्लान से करीब 400 सौ करोड़ रुपये ज्यादा है।
प्रदेश सरकार ने साल 2012-17 के लिए करीब 22,800 करोड़ का स्टेट प्लान तय किया था। इसी क्रम में नए वित्त वर्ष के लिए 5600 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया है। मंजूर की गई राज्य योजना के तहत करीब 1309 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति सब प्लान के लिए रखे गए हैं।
करीब 1992 करोड़ सोशल सर्विस सेक्टर और 979 करोड़ रुपये परिवहन और सूचना तंत्र मजबूत करने के लिए अप्रूव किए गए हैं। ऊर्जा क्षेत्र के लिए करीब पौने सात सौ करोड़, कृषि, उससे जुड़े क्षेत्र के लिए करीब छह सौ और सिंचाई एवं बाढ़ प्रबंधन के लिए करीब चार सौ करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
खास बात यह है कि केंद्र सरकार के प्लानिंग कमीशन को भंग करने के बाद पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर ने बजट तैयार करने के प्लान नॉन प्लान के पुराने तरीके को छोड़ दिया है, लेकिन हिमाचल सरकार इस साल भी पुराने तरीके से ही बजट को तैयार कर पेश करेगी।
वित्त विभाग के सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री कार्यालय से 5600 करोड़ के स्टेट प्लान को मंजूरी दे दी है। अब आने वाले दिनों में विधायक प्राथमिकता की बैठक के बाद इस राशि के खर्च का निर्धारण किया जाएगा।