आईएएस अधिकारियों की कमी से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक कार्यों के लिए अब पुलिस और वन सेवा के अफसरों की सेवाएं ली जाएंगी। कार्मिक विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर अतिरिक्त वन अफसरों की सूची मांग ली है। पुलिस अफसरों के नाम पर भी मंथन किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो सरकार अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे अफसरों को सेवा विस्तार न देने पर भी विचार कर रही है।
उल्लेखनीय है कि बीते 31 जुलाई को हिमाचल कैडर के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर, सचिव स्तर के दिनेश मल्होत्रा और बीसी बडालिया सेवानिवृत्त हो गए हैं। वर्तमान में 28 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। प्रदेश में मुख्य सचिव बीके अग्रवाल और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकांत बाल्दी के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के आधा दर्जन अफसर हैं। इनमें से वीसी फारका, निशा सिंह और संजय गुप्ता से महज खानापूर्ति के काम लिए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव स्तर पर तो महज चार ही अफसर सेवाएं दे रहे हैं।
अफसरों की भारी कमी की वजह से ही मौजूदा अधिकारियों को तीन से अधिक महकमों का प्रभार संभालना पड़ रहा है। कुछ के पास तो पांच से से छह महकमों का अतिरिक्त कार्यभार है। इसी वजह से अब प्रदेश में मौजूद अन्य सेवाओं के अफसरों को तलाशा जा रहा है। इनमें पुलिस और आईएफएस अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है जो शासन में काम कर सकें।