डिजिटल इंडिया की दौड़ में हिमाचल भी पीछे नहीं। ई-समाधान, ई-सैलरी, ई-पेंशन और ई-सर्विस बुक जैसी कई ऑनलाइन सुविधाओं के बाद हिमाचल सरकार ने अब एम-हिमभूमि ऐप तैयार किया है।
पटवारियों की कमी की वजह से जमाबंदी और ततीमा जैसे दस्तावेजों को लेने के लिए लोगों को अब जूते नहीं घिसने पड़ेंगे। सरकार का एम-हिमभूमि ऐप पटवारी और कानूनगो का काम करेगा। इसके लिए सरकार आधार कार्ड नंबर को इस ऐप पर अपलोड कर रही है।
प्रथम चरण में आधार सीडिंग, जमाबंदी और ततीमों को अपलोड करने का काम चंबा, मंडी, हमीरपुर और लाहौल स्पीति में चल रहा है। इसके बाद यह प्रक्रिया अन्य आठ जिलों में भी चलेगी। हिमाचल सरकार के भू रिकॉर्ड निदेशक देवा सिंह नेगी ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही सारा रिकॉर्ड और आधार सीडिंग के बाद लोगों को यह सुविधा देगी। बता दें कि नेशनल इन्फोरमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के सहयोग से राजस्व विभाग ने एम-हिमभूमि ऐप तैयार किया है।
जमाबंदी, ततीमे पर होंगे निदेशक के डिजिटल हस्ताक्षर
एनआईसी के राज्य प्रमुख अजय चहल ने बताया कि एम-हिमभूमि ऐप से निकाली गई जमाबंदी और ततीमे पर निदेशक भू रिकॉर्ड के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे और यह कानूनी रूप से मान्य होगा। यानी इस पर पटवारी का नोट चढ़ाने की जरूरत नहीं होगी।
एक साथ निकाला जा सकेगा रिकॉर्ड
अगर किसी के पास अलग-अलग जगहों पर जमीन है तो इनका रिकॉर्ड एक साथ निकाला जा सकेगा। एक बार आधार सीडिंग के बाद उस भूस्वामी की सारी जमाबंदियां और ततीमे निकल आएंगे।
वन टाइम पासवर्ड से जोड़ने की तैयारी
भू रिकॉर्ड को वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) से जोड़ने की तैयारी है। जब भी कोई व्यक्ति रिकॉर्ड निकालना चाहेगा तो उसके मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड आएगा। उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया हो पाएगी।