सूबे में राज्य सरकार जल्द ही चारा बैंक खोलेगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। अधिकारियों को सिरमौर के अजौली में संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। लावारिस पशुओं से किसानों की फसलों को बचाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार इस पर काम कर रही है।
तर्क दिया जा रहा है कि चारे की कमी की वजह से कई पशुपालक मवेशियों को लावारिस छोड़ देते हैं। इससे ये लावारिस पशु कभी सड़क दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं तो कभी किसानों की फसलों को तबाह कर देते हैं। पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा ने इस मसले पर सर्किट हाउस में अफसरों के साथ बैठक भी की।
उन्होंने जिले के अजौली में चारा बैंक स्थापित करने के लिए संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। पशुपालकों को चारा बीज उपलब्ध करवाने के साथ-साथ इसे तैयार करने की जानकारी देने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इससे पशुपालक उन्नत किस्म के चारे से दुधारू पशुओं का बेहतरीन ढंग से पालन-पोषण कर आय को बढ़ा सकेंगे। बैठक में पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. कल्याण सिंह, सहायक निदेशक डॉ. नीरू शबनम समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
पशुधन को बढ़ावा देने के लिए 15 करोड़- अनिल शर्मा ने जानकारी दी कि जिला सिरमौर में पशुधन को बढ़ावा देने के लिए चालू वित्त वर्ष में 15 करोड़ से अधिक राशि खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान
सिरमौर जिले के किसानों को पशुधन के बारे में जागरूक करने के लिए विभाग ने 101 प्रचार-प्रसार शिविर लगाए। इन शिविरों में 11 हजार किसानों को जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ पशुओं के प्राथमिक उपचार के लिए किटें भी दी गईं।