उच्च शिक्षा निदेशक अमर देव
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हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त मंत्री पवन मिश्रा विशेष तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक अमर देव और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा भी मौजूद रहे।
महासंघ के प्रांत अध्यक्ष रजनीश चौधरी ने शिक्षा मंत्री को 15 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। बैठक में महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र चड्डा, महामंत्री जगवीर चंदेल, अतिरिक्त महामंत्री विनोद सूद, उपाध्यक्ष जयशंकर, मीडिया प्रभारी दर्शन लाल, मंडी के अध्यक्ष भगत चंदेल,
सिरमौर के अध्यक्ष लक्ष्मण नेगी, कांगड़ा के अध्यक्ष पवन कुमार, रविदत्त शर्मा, नरेंद्र कुमार सूद, यशवंत शर्मा, हेमराज, तीर्थानंद, ज्योति महाजन और भीष्म चौहान सहित कई अन्य मौजूद रहे।
- एक जनवरी 2004 से पूर्व की पेंशन योजना बहाल की जाए।
- शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्ति की आयु 60 साल की जाए।
- पदोन्नति पर पदोन्नत पद का ग्रेड-पे देने के लिए दो वर्ष की शर्त हटाई जाए।
- प्रधानाचार्य पद के लिए नियमित पदोन्नति की जाए।
- सेवा लाभ/पदोन्नति के लिए पूर्व सेवाकाल/अस्थाई सेवा काल की गणना की जाए।
- आरटीई लागू होने से पहले से नियुक्त अध्यापकों पर डीएलएड की शर्त न थोपी जाए।
- परीक्षा मूल्यांकन पद्धति शुरू की जाए। पांचवीं और आठवीं कक्षा को बोर्ड परीक्षाओं के दायरे में लाया जाए।
- पीजीटी के स्थान पर प्रवक्ता पद बहाल किया जाए। जमा एक और जमा दो के अलावा अन्य कक्षाओं को पढ़ाने की शर्त समाप्त की जाए। पहले की तरह पीजीटी को 24 पीरियड ही दिए जाएं।
- तीन वर्ष तक यदि कोई शिक्षक 25 प्रतिशत से कम परिणाम दे तो चेतावनी और चौथे साल कार्रवाई की जाए।
- एसएमसी के तहत नियुक्त अध्यापकों के लिए तर्कसंगत नीति बनाई जाए। इन्हें अवकाश, वार्षिक बढ़ोतरी तथा इनके स्थान पर नियमित अध्यापक न भेजा जाए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने सौ दिनों के टारगेट तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमर देव और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने विभागीय अधिकारियों के साथ इस संदर्भ में बैठक की। दोनों निदेशकों ने दो दिन में टारगेट तय करने की जिम्मेवारी अधिकारियों को सौंपी है। अधिकारियों द्वारा तय किए जाने वाले प्रस्ताव को फाइनल कर शिक्षा मंत्री को सौंपा जाएगा।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को निर्धारित समय पर निशुल्क किताबें, वर्दी मुहैया करवाना, स्कूलों में रिक्त पदों की चल रही कमी को दूर करना, सभी स्कूलों में शौचालयों और पीने के पानी की व्यवस्था करने को शिक्षा विभाग अपने सौ दिनों के टारगेट में शामिल करने की तैयारी में है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में घट रही विद्यार्थियों की संख्या को किस प्रकार दूर किया जाए, इसको लेकर भी टारगेट किया जा सकता है।
हालांकि इस काम को सौ दिनों की समयसीमा में नहीं बांधा जाएगा लेकिन इस मामले को प्राथमिकताओं में शामिल किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमर देव ने बताया कि सौ दिनों के लिए टारगेट तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभिन्न अधिकारियों से टारगेट मांगे गए हैं। जल्द ही प्रस्ताव सरकार को सौंपा जाएगा।
भाजपा घोषणापत्र पर अफसरों की नजर
सौ दिन का टारगेट तय करने के लिए भाजपा के घोषणापत्र को भी अधिकारी मदद ले रहे हैं। नई सरकार को खुश करने के लिए घोषणापत्र के वायदों को विभागों के टारगेट प्रस्ताव में शामिल किया जा रहा है।
ऐसा टारगेट मत तय करना जो पूरा न हो
टारगेट तय करने में जुटे अफसर दबी जुबान से अपने अधीनस्थ कर्मियों को सलाह देते भी नजर आ रहे हैं कि सरकार पर अपना रुतबा दिखाने के लिए ऐसे टारगेट तय मत करना जो सौ दिनों में पूरे ही न हो सके।