जब तक मोटर चलती रहती है, तब तक यह सिस्टम एक लाल रंग की एलईडी को ऑन रखता है। जब ऊपर का टैंक भर जाता है तो यह ग्रीन एलईडी को एक बार ग्लो करता है। कई बार कुछ ऐसी स्थितियां आती हैं, जब ऊपर का टैंक भरने से पहले ग्राउंड टैंक में पानी खत्म हो जाता है।
ऐसी स्थिति में तीसरा सेंसर जो ग्राउंड टैंक के नीचे की ओर लगा होता है वह मोटर को बंद कर देगा। इसे ड्राई रनिंग प्रोडक्शन कहते हैं। इसी प्रकार यदि कोई अन्य स्थिति उत्पन्न होती है उसे भी यह सिस्टम आसानी से संभाल लेता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के अनेक मॉडल बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें देखने के बाद उन्हें फुली ऑटोमेटिक वाटर कंट्रोल सिस्टम नहीं कहा जा सकता।
उनसे सिर्फ एक हद तक पानी को कंट्रोल कर सकते हैं, लेकिन यह सिस्टम हर स्थिति में पूरी तरह से पानी को कंट्रोल कर सकता है। इस सिस्टम की कीमत बाजार से कम होगी। इसके अलावा अंशुल ने चोरियां रोकने के लिए एक सिस्टम बनाया था। इसे डेंजर का नाम दिया गया था।