नए नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि अब एसडीएम नहीं, बल्कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग या सरकार की ओर से प्राधिकृत एजेंसी ही पंचायत सचिवों की भर्ती करेगी।
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (जिला परिषद में पंचायत सचिव की नियुक्ति एवं सेवा शर्तें) नियम 2019 की अधिसूचना के अनुसार सीधी भर्ती के केवल 77 फीसदी अन्य पदों स्नातक डिग्रीधारकों की शैक्षणिक योग्यता से ही भरे जाएंगे।
30 फीसदी पद ग्राम पंचायतों में दस साल से अधिक अवधि से नियुक्त सिलाई शिक्षिकाओं से भरे जाएंगे। इनके लिए जमा दो शैक्षणिक योग्यता रहेगी। इनके लिए 20 फीसदी कोटा तय किया है, क्योंकि यह डाइंग काडर हैं।
इनकी भर्ती वरिष्ठता के आधार पर होगी। पंचायत सचिवों की नियुक्ति पहले एक साल के अनुबंध पर होगी। उसके बाद अनुबंध बढ़ाया जा सकता है। पंचायत सचिवों को अनुबंध पर पहले वर्ष 7810 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।