विधानसभा में जनसमस्याएं सुनते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह।
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नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल का बार-बार वीरभद्र सरकार गिरने का दावा सदन में धरा रह गया। वीरवार को सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी में ध्वनिमत से 32,593 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया गया। खास बात यह रही कि चार निर्दलीय विधायकों और हिमाचल लोकहित पार्टी के इकलौते विधायक महेश्वर सिंह ने भी बजट का समर्थन किया।
सदन में कांग्रेस आत्मविश्वास से लबरेज दिखी। हिमाचल विधानसभा में वीरवार दोपहर बाद चार बजे वित्त वर्ष 2016-17 का बजट पारित कर दिया गया। बजट पारित करने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने कटौती प्रस्ताव पर हंगामा कर सदन से वाकआउट किया। ये दिन में दूसरी बार वाकआउट था।
इसके बाद सदन में कांग्रेसस के सभी विधायक, चार निर्दलीय और एक हिलोपा विधायक मौजूद थे। कांग्रेस विधायकों की शत-प्रतिशत मौजूदगी के लिए पहले से ही संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने व्हिप जारी किया था। विधानसभा में भाजपा सदस्यों के वाकआउट के बाद सदन में स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने बजट पारण की प्रक्रिया शुरू की और हां में हां मिलाते हुए सभी विधायकों ने ध्वनिमत से बजट पारित कर दिया। मालूम रहे कि बीते बुधवार को 38 विधायकों ने कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी को एक पत्र लिखकर वीरभद्र सरकार में भरोसा जताया था।
हो-हल्ले से नहीं गिरती हैं सरकारें: वीरभद्र
सदन से वॉकआउट करता विपक्ष।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा आरएसएस का अंग है। इसे लोकतांत्रिक प्रणाली में भरोसा नहीं है। भाजपा के भीतर कभी चुनाव नहीं होता है। मुख्यमंत्री वीरवार को प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। सीएम ने यह बातचीत बजट पारित करने होने के बाद की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीकर समेत कुल 41 लोगों ने बजट को पारित किया है। कहा कि सरकारें हो-हल्ले से कभी नहीं गिरती हैं। ये हमें पहले से ही मालूम था कि ये हो-हल्ला करेंगे। कटौती प्रस्ताव के मामले में भाजपा गलत बात कर रही है। इस पर स्पीकर ने पहले ही फैसला दे दिया है। भाजपा ने ये बाहर जाने का तरीका अपनाया।
बुटेल बोले, गिर गया कटौती प्रस्ताव- स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मीडिया को स्पष्ट किया कि कटौती प्रस्ताव गिर गया था। इसे सदन ने विपक्ष के वाकआउट के बाद पारित किया। उस समय भाजपा तो सदन में मौजूद ही नहीं थी। कहा कि भाजपा सदस्यों को कोई कन्फ्यूजन हुआ है। जिन्होंने ये प्रस्ताव किया, वे तो उठकर ही चले गए।
सदन छोड़कर भागे हैं भाजपा विधायक- संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा विधायक सदन छोड़कर भागे हैं। हमने वोट जीता है। इसमें किसी भी तरह की शक-शुबहा नहीं है। विपक्ष को तो बाहर जाने का बहाना चाहिए था।
कांग्रेस विधायकों ने खुद ही पारित कर दिया कटौती प्रस्ताव: धूमल
सदन से वॉकआउट करते नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और अन्य भाजपा विधायक।
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नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल ने कहा है कांग्रेस विधायकों ने खुद ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पर लाए गए कटौती प्रस्ताव को पारित किया है। कटौती प्रस्ताव को वापस लेने में कांग्रेस हारी है।
सत्ता पक्ष ने स्वयं ध्वनिमत से कटौती प्रस्ताव को पारित किया है। इससे स्पष्ट है कि हिमाचल में सरकार गिर गई है। विधानसभा से वाकआउट करने के बाद धूमल ने मीडिया से बातचीत की।
नेता विपक्ष प्रो. प्रेमकुमार धूमल ने बताया सदन के भीतर विधानसभा अध्यक्ष ने पूछा कि कटौती प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए तो सत्ता पक्ष ने हां में जवाब दिया। कांग्रेस विधायकों के हां कहकर कटौती प्रस्ताव को स्वीकार करने से प्रस्ताव गिर नहीं सका। जबकि सरकार गिर गई।