हिमाचल में शहरों की तर्ज पर अब गांवों में भी लोग बिना सेट बैक के मकान नहीं बना सकेंगे। भवन बनाते समय अब दाएं-बाएं और आगे-पीछे डेढ़ से दो मीटर जमीन खाली छोड़नी होगी। तीन मंजिल से ज्यादा भवन निर्माण के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) विभाग से मंजूरी लेनी पड़ेगी।
दुकानों, होटलों, उद्योगों या अन्य व्यावसायिक भवनों के लिए टीसीपी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना आवश्यक होगा। सरकार ने पूरे हिमाचल को टीसीपी के दायरे में शामिल कर दिया है। इसकी अधिसूचना जारी कर प्रदेश के सभी जिला के नगर योजनाकारों को निर्देश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि अभी तक प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में टीसीपी के नियम लागू नहीं होते थे। यानी गांवों में भवन बनाने के लिए किसी तरह की कोई शर्त नहीं थी।
प्रदेश सरकार की अधिसूचना के तहत अब हर जिला एक ही रीजन (क्षेत्र) होगा। पूरे रीजन के लिए अलग से नियम होंगे। इससे गांव में रहने वाले लोग भी मर्जी से घर नहीं बना सकेंगे। तीन मंजिला घर बनाने के लिए मंजूरी नहीं लेनी होगी, लेकिन सेटबैक छोड़ना आवश्यक होगा। चार मंजिला, इससे अधिक या व्यावसायिक निर्माण के लिए टीसीपी की मंजूरी जरूरी कर दी गई है। प्रदेश सरकार गांवों में भवन निर्माण के नए नियम बनाने जा रही है।
स्पॉट विजिट के बाद टीसीपी देगा एनओसी
ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावसायिक भवन निर्माण के लिए टीसीपी एनओसी देगा। एनओसी से पहले टीसीपी के अधिकारी और कर्मचारी स्पॉट विजिट करेंगे। उसके बाद आवेदनकर्ता को एनओसी मिलेगा। इसके लिए मकान मालिक को चक्कर काटने पड़ेंगे और समय भी लगेगा।
अब गांवों को भी टीसीपी के दायरे में लाया जा रहा है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अभी नियम बनाए जाने हैं। इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। -दिनेश लता गुलेरिया, नगर योजनाकार, टीसीपी विभाग