कालाबाजारी रोकने के लिए हिमाचल सरकार ने बिना लाइसेंस 30 क्विंटल से ज्यादा दालें रखने पर रोक लगा दी है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने सूबे में आलू-प्याज की तर्ज पर दालों और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों के भंडारण की सीमा तय की है।
प्रदेश में कोई भी कारोबारी अब 30 क्विंटल से ज्यादा दालों का भंडारण नहीं कर सकेगा। इसके लिए कारोबारियों को अलग से लाइसेंस लेना पड़ेगा। ये लाइसेंस भी क्षेत्र विशेष के लिए मिलेगा।
दूसरी जगह कारोबार के लिए अलग लाइसेंस लेना होगा। प्रदेश में जमाखोरी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।
जमाखोरी को रोकने के लिए फैसला
जमाखोरों पर शिकंजा कसने को प्रदेश सरकार ने खाद्य वस्तुओं के भंडारण के लिए सीमा तय कर दी है। एक कारोबारी अपनी दुकान या स्टोर में 30 क्विंटल से ज्यादा दालें नहीं रख सकेगा। तीस क्विंटल में सभी प्रकार की दालें शामिल होंगी।
इसी तरह खाद्य तेल हजार लीटर से ज्यादा स्टोर नहीं किया जा सकेगा। बीस क्विंटल से ज्यादा नमक नहीं रखा जाएगा। इससे पूर्व सरकार ने दस क्विंटल प्याज और बीस क्विंटल आलू भंडारण की सीमा तय की थी।
निर्धारित सीमा से ज्यादा भंडारण के लिए कारोबारी को खाद्य आपूर्ति विभाग से लाइसेंस लेना होगा। यह लाइसेंस क्षेत्र विशेष के लिए मिलेगा।
क्यों लिया गया फैसला
खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना है कि किसी चीज की सप्लाई कम होने पर कारोबारी उसे स्टोर करना शुरू कर देते हैं। इससे मार्केट में उसके दाम और बढ़ जाते हैं। बाद स्टोर किए सामान को स्टोर से निकाल महंगे दामों में बेचना शुरू कर देते हैं। इस मुनाफाखोरी के चक्कर में उपभोक्ता लुटते हैं।
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले के निदेशक प्रियतु मंडल कारोबारी अब 30 क्विंटल से अधिक दालें स्टोर नहीं कर सकेंगे। इससे ज्यादा भंडारण के लिए कारोबारी को अलग से लाइसेंस लेना पड़ेगा।
लाइसेंस कारोबारी को क्षेत्र विशेष के लिए मिलेगा। दूसरी जगह सामान बेचने के लिए उसे अलग से लाइसेंस बनाना होगा।