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फोन टैपिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में सरकार

Thu, 04 Aug 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित फोन टैपिंग मामले को लेकर वीरभद्र सरकार अब बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। वीरभद्र सरकार अब इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी में है। पूर्व डीजीपी ईश्वर देव भंडारी पर लगे कथित फोन टैपिंग के आरोपों के बाद विजिलेंस की ओर से दायर चार्जशीट को निचली अदालत ने खारिज कर दिया था।
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अब इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जानी है। निचले कोर्ट के आदेशों के अध्ययन के बाद विजिलेंस ब्यूरो और अभियोजन अधिकारियों ने इस मामले को चुनौती देने लायक मानते हुए सरकार को मंजूरी के लिए फाइल भेज दी है। सरकार इस पर फैसला लेगी कि उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती दी जाए या नहीं।

पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी पर आरोप था कि पूर्व भाजपा सरकार के समय बतौर सीआईडी प्रमुख उन्होंने नेताओं, अधिकारियों और कई सुरक्षाकर्मियों के फोन अनाधिकृत रूप से टैप किए। मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने तथ्यों का हवाला देते हुए एफआईआर में भंडारी को नामजद किया था।
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24 मई को कोर्ट ने कर दिया था केस डिस्चार्ज

मामला कोर्ट पहुंचा और ब्यूरो के सारे दावे धरे रह गए। कोर्ट ने भंडारी को राहत देते हुए मामले को सुनने से ही इनकार कर दिया था। विजिलेंस के अधिकृत सूत्रों ने उच्च न्यायालय में मामले को चुनौती देने के लिए फाइल सरकार को भेजने की पुष्टि की है।

वीरभद्र सरकार के सत्ता में आने के बाद विजिलेंस ब्यूरो की एसआईटी ने 26 जून 2013 को भंडारी के खिलाफ  एफ आईआर दर्ज की थी। 21 अगस्त 2014 को सीजेएम कोर्ट शिमला में चालान पेश किया गया। भंडारी ने सात जनवरी 2016 को चालान को चुनौती देते हुए सीजेएम कोर्ट में अपील दायर की। 24 मई 2016 को कोर्ट ने केस को डिस्चार्ज कर दिया।

अधिकारियों पर लगाए थे भंडारी ने आरोप
केस डिस्चार्ज होने के बाद आईडी भंडारी ने प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार और अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने तत्कालीन मुख्य सचिव पी मित्रा और तत्कालीन एडीजी विजिलेंस रहे एसआर मरडी पर उन्हें जान-बूझकर फंसाने का आरोप लगाया था।
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