पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित फोन टैपिंग मामले को लेकर वीरभद्र सरकार अब बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। वीरभद्र सरकार अब इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी में है। पूर्व डीजीपी ईश्वर देव भंडारी पर लगे कथित फोन टैपिंग के आरोपों के बाद विजिलेंस की ओर से दायर चार्जशीट को निचली अदालत ने खारिज कर दिया था।
अब इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जानी है। निचले कोर्ट के आदेशों के अध्ययन के बाद विजिलेंस ब्यूरो और अभियोजन अधिकारियों ने इस मामले को चुनौती देने लायक मानते हुए सरकार को मंजूरी के लिए फाइल भेज दी है। सरकार इस पर फैसला लेगी कि उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती दी जाए या नहीं।
पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी पर आरोप था कि पूर्व भाजपा सरकार के समय बतौर सीआईडी प्रमुख उन्होंने नेताओं, अधिकारियों और कई सुरक्षाकर्मियों के फोन अनाधिकृत रूप से टैप किए। मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने तथ्यों का हवाला देते हुए एफआईआर में भंडारी को नामजद किया था।