नए गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी अधिनियम) के लागू होने से हिमाचल में कई सेवाएं महंगी होंगी जबकि कुछ सस्ती हो जाएंगी। नए जीएसटी अधिनियम से हिमाचल में ऑनलाइन शॉपिंग पर भी टैक्स इकट्ठा होगा। प्रदेश में ऑनलाइन शॉपिंग पर अभी वैट नहीं है, एंट्री टैक्स लेने को सरकार ने कानून जरूर तैयार किया है।
अब शॉपिंग पर जीएसटी के रूप में उपभोक्ताओं से कर लेने पर ऑनलाइन शॉपिंग महंगी हो सकती है। उपभोक्ता राज्य होने के कारण ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से हिमाचल को जीएसटी मिलेगा तो इससे सरकारी कोष में बढ़ोतरी होगी। टैक्सटाइल, लेवी चीनी जैसे कई उत्पाद भी जीएसटी से नहीं बचेंगे। जीएसअी लगने से राज्य में कई तरह के टैक्स खत्म हो जाएंगे।
इसके बाद केवल एक ही टैक्स जीएसटी ही लगेगा। हिमाचल में ऑनलाइन उत्पाद कई ऐसे मैन्युफेक्चरिंग राज्यों और क्षेत्रों से ज्यादा भेजे जा रहे हैं, जहां टैक्स की दरें कम हैं। टैक्स में एकरूपता होने के बाद ऑनलाइन शॉपिंग महंगी हो सकती है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर होगा।
इससे संबंधित अधिनियम लागू होने के बाद हर सामान और हर सेवा पर केवल एक ही टैक्स लगेगा। वैट, केंद्रीय एक्साइज, सर्विस टैक्स, लग्जरी टैक्स, एंट्री टैक्स जैसे कर नहीं रहेंगे। जीएसटी सभी तरह की सेवाओं और वस्तुओं पर लागू होगा। जीएसटी तीन स्तरों पर लगाया जाएगा।