हिमाचल के करीब 12 लाख एपीएल राशनकार्ड उपभोक्ताओं के दिसंबर माह के आटा और चावल के कोटे में कटौती हो सकती है। प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों के लिए बर्फबारी के चलते छह महीने के राशन का एडवांस कोटा भेजा है। इससे हिमाचल के मैदानी और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को आधा से एक किलो आटा और चावल कम मिल सकता है।
हिमाचल के उपभोक्ताओं को अभी 13 किलो आटा और 7 किलो चावल दिया जा रहा है। कांगड़ा, हमीरपुर बिलासपुर जिलों में लोग आटा और चावल कम लेते हैं। यहां के लोग धान की फसल उगाते हैं।
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग का मानना है कि अगर इन जिलों का आटा और चावल बचता है तो कोटे में कटौती नहीं होगी। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक मदन चौहान ने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों को 6 महीने का कोटा एक साथ भेजने पर अन्य राशनकार्ड धारकों के कोटे में एक से आधा किलो की कमी हो सकती है।
केंद्र जारी करता है गेहूं और चावल का कोटा
केंद्र सरकार हिमाचल को गेहूं और चावल का कोटा जारी करता है, जनसंख्या के आधार पर हिमाचल को यह राशन दिया जाता है, जबकि अन्य दालें, चीनी, नमक और तेल प्रदेश सरकार खुद अपने स्तर पर लोगों को सब्सिडी पर देती है।