प्रदेश सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।
जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों को बजट देने के लिए सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इन नुमाइंदों को विकास कार्यों को कराने के लिए सरकार के पास बजट बजट नहीं है। अब सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर 14 वें वित्तायोग के तहत जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए धन उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे पत्र लिख रहे हैं। केंद्र सरकार ने जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की वित्तीय शक्तियों में कट लगाया है। अब पैसा सीधे पंचायतों को जा रहा है। इससे पहले जिला परिषद सदस्यों को कुल बजट का 50
फीसदी, 30 फीसदी बीडीसी सदस्यों, जबकि 20 फीसदी पंचायतों को जाता था। अब केंद्र सरकार ने यह सारी राशि सीधे पंचायतों को दे रही है। 14 वें वित्तायोग के तहत पंचायतों को दूसरे किस्त जारी हो चुकी है। जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों वित्तीय शक्तियों में कट लगाने के लिए सरकार को कोस रहे हैं।
नाम के ही हैं जिला परिषद और बीडीसी सदस्य
हिमाचल में जिला परिषद और बीडीसी सदस्य नाम के ही हैं। ये नुमाइंदे विकास कार्यों की योजना बना सकते हैं, लेकिन इन योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए इनके पास धन का प्रावधान नहीं है।
जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए धन का प्रावधान करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी यह मामला उठाया गया है, उन्होंने पीएम को पत्र लिखने की बात कही है। -अनिल शर्मा, पंचायतीराज मंत्री