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पंजाब तर्ज पर इनिशियल वेतन देने को लेकर सरकार का बड़ा बयान

Fri, 30 Dec 2016 10:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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जेसीसी की बैठक में सरकार ने कर्मचारियों की कुछ मांगों को मानने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम को लागू रखने की बात कही। साथ ही योजना की खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मुख्य सचिव वीसी फारका ने पंजाब की तर्ज पर इनिशियल वेतन देने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। 
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उन्होंने साफ कहा कि हिमाचल सरकार पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों को तो मान सकती है, लेकिन वहां की किसी कमेटी या सब कमेटी की सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य नहीं है। बैठक में कई मसलों पर सरकार और कर्मचारियों के बीच तो बात बनती दिखी, लेकिन वेतन विसंगतियों को लेकर तकरार खत्म नहीं हो सकी। 

दरअसल, कर्मचारियों की मांग थी कि राज्य सरकार कर्मचारियों को या तो रेगुलर होने के दो साल बाद ग्रेड पे देने के प्रावधान को खत्म कर रेगुलर होने की तिथि से दे या फिर कम से कम इनिशियल पे दे। अभी तक सरकार इनिशियल पे से भी कम वेतन कर्मचारियों को दे रही है। 
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वहीं, न्यू पेंशन स्कीम को बंद कर पुरानी स्कीम लागू करने की मांग को भी सरकार ने खारिज कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि नई पेंशन स्कीम से कर्मचारियों को समय पर पैसा नहीं मिल पाता। मुख्य सचिव ने नेशनल पेंशन स्कीम की खामियां दूर करने के लिए वित्त विभाग को निर्देश दिए, लेकिन इसे बंद करने से इनकार कर दिया।

जनसभा न समझें, यह जेसीसी की बैठक है

बैठक के दौरान एक मांग को लेकर मुख्य सचिव और एसीएस कार्मिक कर्मचारियों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन कर्मचारी अपनी बात कहने पर अड़ गए। एक साथ कई कर्मचारी बोलने का प्रयास करने लगे तो वरिष्ठ अधिकारी ने तल्ख लहजे में कहा कि यह

जेसीसी की बैठक है, इसे पब्लिक मीटिंग न समझें। अधिकारी के सख्त लहजे का असर यह हुआ कि इसके बाद कर्मचारी ज्यादा बोलने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके।

सुधरेगी सरकारी क्वार्टरों की हालत
शिमला के एसडीए परिसर में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की मांग पर मुख्य सचिव ने कहा कि मामला नगर निगम शिमला से उठाया जाएगा। कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वाटरों के निर्माण की मांग पर उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को आवासीय

सुविधा प्रदान करने तथा मौजूदा आवासों की मरम्मत की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने इस संबंध में मामला विशेष प्रस्तुत करने को कहा। आश्वासन दिया कि इसके लिए उचित धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।

ठोस प्रस्ताव भेजे विभाग
शिक्षा विभाग में अधीक्षक वर्ग एक के 117 पदों की बहाली तथा उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा विभागों में संयुक्त मिनिस्ट्रियल कैडर के मुद्दे पर मुख्य सचिव ने विभाग को ठोस प्रस्ताव भेजने को कहा। 

स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर द्वारा रोगी कल्याण समिति के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को पांच साल में नियमित करने पर भी फैसला हुआ। हनीश ठाकुर ने बताया कि नियमितीकरण में रोगी कल्याण समिति का कार्यकाल भी जोड़ा जाएगा।

दो नहीं सात प्रतिशत मिलना चाहिए था महंगाई भत्ता

अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की जेसीसी में सरकार के दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के एलान पर कर्मचारी परिसंघ ने जेसीसी को विफल बताया है। परिसंघ के नेताओं का कहना है प्रदेश के कर्मियों को केंद्र के आधार पर मिलने वाला महंगाई भत्ता पूर्व संशोधित वेतनमानों पर आधारित 7 प्रतिशत देय बनता है।

चूंकि, केंद्र सरकार की ओर से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता जुलाई 2017 से संशोधित वेतनमानों पर आधारित है। ऐसे में यदि हिमाचल सरकार पूर्व संशोधित वेतनमानों पर 2 प्रतिशत का भुगतान करती है तो यह केंद्र पर आधारित मिलने वाले महंगाई भत्ते के फार्मूले में अंतर पैदा करेगा। इससे कर्मचारियों का ही नुकसान होगा।

अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि महासंघ के नेता केवल मात्र अपनी सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग पर दिलचस्पी लेते रहे हैं। सरकार की ओर से यह मांग न माने जाने पर आंदोलन की धमकियां देकर कर्मचारियों को गुमराह करने का काम करते हैं। मांग की कि महासंघ के नेता कर्मचारी हित में शीघ्र आंदोलन की तिथि तय करें। इसमें प्रदेश कर्मचारी परिसंघ उनका समर्थन करेगा।

अब हर तीसरे माह विभाग स्तर पर होगी कर्मचारियों की जेसीसी

मुख्य सचिव वीसी फारका - फोटो : File Photo
सचिवालय में वीरवार को हुई बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे हर तिमाही में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें करें। इनमें कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा कर अपने स्तर पर इनका निपटारा किया जाए। बैठकों की विस्तृत जानकारी कार्मिक विभाग को भी भेजेंगे। मुख्य सचिव वीसी फारका ने कहा कि अगर किसी मुद्दे पर जरूरत पड़ती है तो विभागाध्यक्ष कार्मिक या वित्त विभाग से सहयोग ले सकते हैं।

ऐसा होने से कर्मचारियों से जुड़े बड़े मुद्दे ही जेसीसी में आएंगे। इससे उन पर चर्चा के बाद निर्णय करने में आसानी होगी। उन्होंने बैठक में एजेंडे पर चर्चा करते हुए विशेषकर ग्रेड पे में विसंगति के मामलों को संबंधित विभागीय सचिवों के माध्यम से भेजने को कहा। कहा कि इसकी उपयुक्त जांच कर समाधान किया जाएगा।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में जमा दो की शैक्षणिक योग्यता में छूट तथा इस श्रेणी से लिपिक पद भरने में एक मुश्त छूट के मुद्दे पर उन्होंने सहानुभूति पूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय की बात कही। कहा कि सरकार ने चार वर्षों में विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्तियां की हैं। यदि कोई अति आवश्यकता के क्रियाशील पद रिक्त हैं तो उनका प्रस्ताव सरकार को भेजा जाए।
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वित्त और कार्मिक विभाग की कमेटी करेगी फैसला

मुख्य सचिव ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों के निपटारे के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर भी होंगे। कमेटी 2006 में स्केल रिवाइज होने के बाद से भत्तों को लेकर आई विसंगतियों को देखेगी।

साथ ही उन तीस श्रेणियों के मामले भी देखेगी, जिनका पंजाब में नामेनक्लेचर नहीं है, जबकि हिमाचल में उस कैटेगिरी में कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें ग्रेड पे नहीं मिल रहा। इसके अलावा विभागों से आने वाले रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन रूल्स में बदलाव और भर्ती के प्रस्तावों पर भी कमेटी फैसले लेगी।
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