हिमाचल की बेटी और बॉलीवुड क्वीन कंगना रणौत अपने ही प्रदेश की टूरिज्म ब्रांड एंबेसडर नहीं बन सकीं। इसकी मुख्य वजह अफसरों की लेटलतीफी बताई जा रही है। कंगना को ब्रांड एंबेसडर बनाकर पर्यटन के क्षेत्र में हिमाचल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए पिछले दो सालों से चल रही मुहिम से सरकार ने हाथ खींच लिए हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में वीरवार को राज्य पर्यटन विकास बोर्ड की आठवीं बैठक में प्रस्ताव को ड्रॉप कर दिया गया। बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने इसके लिए अफसरशाही पर लेटलतीफी और उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया।
मनकोटिया ने सीएम के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी अमले ने बीते डेढ़ साल तक इस प्रस्ताव को लटकाए रखा। मैं तो अब कंगना से बात करने में भी शर्मिदिंगी महसूस कर रहा हूं। जल्द पत्र लिखकर उनसे माफी मांगूंगा।