मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केएनएच शिमला में बच्चे बदलने के मामले पर कहा है कि यह देखा जाएगा कि यह मानवीय भूल हुई है या लापरवाही। अगर बच्चे लापरवाही से बदले गए हैं तो गंभीर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह वीरवार को पर्यटन विकास बोर्ड की बैठक के बाद होटल होलीडे होम के परिसर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि जिस समय बच्चा पैदा होता है, उसी वक्त फुट प्रिंट लिया जाता है। माता का थंब इंप्रेशन भी लिया जाना चाहिए। यह भी पहचान के लिए बहुत अच्छा होगा। कई जगह अनजाने में टैगिंग में गलती हो जाती है। जो हुआ है, वह निश्चित तौर पर लापरवाही का मामला लगता है।
एक ही दिन में जब बहुत से बच्चे पैदा होते हैं तो जाने-अनजाने में ऐसी गलती हो ही जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसकी सख्त ताकीद करनी होगी। जो जिम्मेवार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, वो चाहे डाक्टर हो या नर्स। अब तो डीएनए टेस्ट है। अब स्वैपिंग भी हो जाए तो डीएनए टेस्ट से मामले का समाधान हो जाता है।
बागवानों के लिए सरल बनाओ लोन की प्रक्रिया- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वीरवार को हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक मंडल की 379वीं बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानों के लिए ऋण की प्रक्रिया काफी उदार होनी चाहिए। बागवान चाहे ऋण खेती, उपकरण या सिंचाई उद्देश्य के लिए ले रहे हों इन्हें लाभान्वित करने के लिए प्रक्रिया को और अधिक सरल तथा मानकों को उदार बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सहकारी बैंक विशेषकर किसानों व बागवानों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं अपनाकर बैंक की उन्नति एवं विकास की मुख्यमंत्री ने सराहना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी शाखाओं का विस्तार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नाबार्ड के बागवानी क्षेत्र पर आधारित दस्तावेज स्टेट्स एंड रिपोर्ट का विमोचन भी किया।
बैठक के दौरान राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष हर्ष महाजन ने निदेशक मंडल के निदेशकों सहित मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 लाख रुपये का चेक और वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए सरकार को देय 7,21,920 रुपये के लाभांश का चेक भी भेंट किया। हर्ष महाजन ने मुख्यमंत्री द्वारा बैंक को पूर्ण समर्थन तथा मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने अवगत करवाया कि बैंक द्वारा राज्य में 21 नई शाखाएं और दो विस्तार काउंटर खोलने की प्रक्रिया जारी है।
बैंक ने वर्ष 2012-13 के दौरान अपने एनपीए में 11.20 प्रतिशत की कमी को 30 सितंबर 2016 तक 5.74 प्रतिशत तक लाकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बैंक के प्रबंध निदेशक गोपाल शर्मा ने इस अवसर पर पावर प्वांइट प्रस्तुति के माध्यम से बैंक के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला।
बैठक में मुख्य सचिव वीसी फारका, बैंक के उपाध्यक्ष पितांबर दास नेगी, निदेशक मंडल के सदस्य दीवान शर्मा, केशव नायक, दिनेश कुमार शर्मा, भारत भूषण, राम सिंह चंबयाल, सुभाष चंद शर्मा, नरेश चौहान, पंडित शिव लाल, टीएस राणा, गौरजा शर्मा, अजीत पाल महाजन, इकबाल मोहम्मद, बहादुर सिंह ठाकुर और मोहन मेहता सहित बैंक और नाबार्ड के कई अधिकारी मौजूद रहे।