छात्रवृत्ति घोटाला पकड़ में आने के बाद फजीहत झेल रहे शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षण संस्थानों को पांच सदस्यीय मानीटरिंग कमेटियां गठित करने को कहा है। छात्रवृत्ति राशि के लिए आवेदन करने वाले सभी विद्यार्थियों के दस्तावेजों की ये कमेटियां जांच करेंगी। इसके बाद उच्च शिक्षा निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर ही शिक्षा निदेशालय छात्रवृत्ति राशि जारी करेगा। अगर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोई संस्थान छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करता है और कमेटी उसे आगे भेज देती है तो संस्थान ब्लैक लिस्ट होगा और कमेटी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि मानीटरिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही निदेशालय छात्रवृत्ति का पैसा जारी करेगा। अगर कोई संस्थान कमेटी की रिपोर्ट नहीं भेजेगा तो उस संस्थान को छात्रवृत्ति राशि नहीं दी जाएगी। इसके लिए संस्थान स्वयं जिम्मेवार होंगे।