अगर किसी महिला मंडल ने किसी निर्धारित क्षेत्र में शराब ठेका खुलने पर आपत्ति की तो सरकार को वह ठेका बंद करना होगा। एक अप्रैल से सूबे में लागू होने वाली नई शराब नीति में पहली बार यह प्रावधान किया गया है।
सरकार ने यह नीतिगत फैसला हाईकोर्ट के एक निर्देश के बाद लिया है। महिलाएं और महिला मंडल शराब ठेकों पर प्रदर्शन करती हैं, लेकिन सरकार शराब ठेके को बंद नहीं करती थी।
महिला मंडलों या जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ही शराब ठेके बंद या स्थानांतरित किए जाते थे। एक अप्रैल से लागू होने वाली सरकार की नई नीति के अनुसार अगर किसी महिला मंडल ने अपने क्षेत्र में स्थित किसी शराब ठेके को बंद करने की मांग की तो सरकार उसे तत्काल बंद करवा देगी।
सरकार ने यह निर्णय हाल ही में हाईकोर्ट की ओर से एक मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद लिया है। निर्णय के लागू होने पर महिलाओं पर निर्भर करेगा कि उनके क्षेत्र में शराब का ठेका होगा या नहीं। आबकारी एवं कराधान आयुक्त आर सेलवम ने कहा कि एक अप्रैल से प्रदेश भर में नई शराब नीति लागू होगी।