हिमाचल में महम्मदा के रहस्य से पर्दा नहीं उठ पाया है। पाकिस्तान उच्चायोग से आए लीगल एडवाइजर अब्दुल रहमान शिमला से दिल्ली लौट गए हैं। उन्हें रविवार को महम्मदा उर्फ ममता से मिलना था, मगर वे नारी निकेतन मशोबरा गए ही नहीं। महम्मदा खुद के पाकिस्तानी होने का दावा कर रही हैं।
पाकिस्तान उच्चायोग के विधि सलाहकार अब्दुल रहमान का रविवार सवेरे नारी निकेतन जाने का कार्यक्रम था। राज्य सरकार से उन्होंने इसके लिए अनुमति भी ले ली थी। वे शनिवार को नई दिल्ली से शिमला पहुंच गए थे। उन्होंने रविवार को सवेरे उमंग फाउंडेशन शिमला के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव को फोन पर बताया कि वे वापस दिल्ली निकल रहे हैं।
कहा कि उनके बेटे का हॉज खास में एक्सीडेंट हो गया है, इसलिए उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ रहा है। अजय श्रीवास्तव ने कहा था कि नारी निकेतन मशोबरा जाने के बाद पाकिस्तान उच्च आयोग के लीगल एडवाइजर अब्दुल रहमान ने मीडिया से भी बातचीत करनी थी, मगर यह नहीं हो पाया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी दिनों में पाकिस्तान के उच्चायोग से संभवतया कोई अन्य अधिकारी शिमला आ सकते हैं। यह मालूम रहे कि नारी निकेतन मशोबरा में एक महिला खुद को पाकिस्तान के गुजरात जिले का रहने वाली बता रही है। उमंग फाउंडेशन ने यह दावा पत्रकार वार्ता में किया था।
फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने सरकार से यह मांग की थी कि महम्मदा को उसके असली ठिकाने तक पहुंचा देना चाहिए। शनिवार को ही मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी कहा था कि महम्मदा जहां की भी होगी, उसे वहां पहुंचा दिया जाएगा। उन्होेंने सरकार की ओर से इस मामले में उचित कदम उठाने की बात की थी।