लेकिन अब जंगल के अंदर खाली जमीन न मिलने की वजह से पौधरोपण नहीं हो पा रहा। इसके बाद अब प्रदेश सरकार ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि वह उन क्षेत्रों में पौधरोपण की मंजूरी दे, जो अभी वन क्षेत्र अधिसूचित नहीं है।
दरअसल, अभी तक किसी भी वन भूमि का अगर गैरवानिकी कार्य के लिए लैंड यूज बदला जाता है तो उस क्षेत्र में कटने वाले पेड़ों के बदले तय नियमों के अनुसार वन क्षेत्र में पौधरोपण करना आवश्यक है।
जब तक पौधरोपण न हो जाए तब तक प्रोजेक्ट लगने से लेकर उसे शुरू करने में अड़चन रहती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरुण कपूर ने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार से पत्राचार किया जा रहा है। वहां से स्पष्टीकरण या निर्देश आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।