पीजी के लिए डॉक्टरों को 40 लाख रुपये का बांड शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें यह लिख कर देना होगा कि सरकार के नियमों के मुताबिक बाहरी राज्यों में सेवाएं नहीं देंगे। पहले इन डॉक्टरों से 15 लाख तक का बांड शपथ पत्र लिया जाता था।
इसी तरह सुपर स्पेशलिटी में एमडी, डीएम और एमसीएच करने वाले डॉक्टरों को 15 लाख के बजाय 60 लाख रुपये तक का बांड देना होगा। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि डॉक्टर लोन लेकर पीजी कर रहे हैं।
डॉक्टरों को राहत देने के लिए बांड नियमों को सरल किया गया है। दूसरा डॉक्टरों को प्रदेश में सेवाएं देने के लिए रोकना भी जरूरी है, ताकि लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया हो सके।