मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग सभी जिला मुख्यालयों और उपमंडल स्तर पर ऐसी प्राथमिक पाठशालाओं को चिन्हित करे, जहां प्री-नर्सरी कक्षाएं आरंभ की जा सकें। प्रारंभिक चरण में कुछ चयनित पाठशालाओं में यह कक्षाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की चौथी शासकीय परिषद बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा प्रणाली के मूल्यांकन की आज नितांत आवश्यकता है। सरकार इन प्राथमिक पाठशालाओं में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर सभी कक्षाओं के लिए एक शिक्षक नियुक्त करने पर विचार कर रही है।
इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान होगी। शिक्षकों को कक्षा में अध्यापन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक पाठशालाएं केवल आवश्यकता के आधार पर ही खोली जाएंगी। प्रदेश में वर्तमान में पर्याप्त पाठशालाएं खोली गई हैं और अब इनके सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के लगभग 5 सालों में 54 कॉलेज खोले गए हैं जिससे प्रदेश में अधिसूचित कॉलेजों की संख्या 132 हो गई है। दो अन्य कॉलेजों की अधिसूचना भी शीघ्र जारी की जाएगी।
इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी नालागढ़ आशुतोष गर्ग ने प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने 34 पाठशालाओं को उनके संस्थानों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वच्छता पुरस्कार भी प्रदान किए। हिमाचल प्रदेश राज्य शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बलवीर तेगटा, प्रधान सचिव शिक्षा संजय गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक बीएल बिंटा, एसएसए और आरएमएसए के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम प्रारंभिक शिक्षा के निदेशक मनमोहन शर्मा तथा शासकीय परिषद के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।